वाराणसी। बीएचयू में बीएससी के दिव्यांग छात्र परितोष वर्मा का डॉक्टर बनने का सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहल पर आखिर पूरा होने जा रहा है। एम्स में दो बार एमबीबीएस की परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद भी 80 प्रतिशत दिव्यांग का प्रमाण पत्र बनाकर उसे डिसक्वालीफाई कर दिया गया। परितोष ने 19 फरवरी को प्रधानमंत्री के बनारस आगमन के दौरान डीएलडब्ल्यू हेलीपैड पर मिलकर अपनी समस्या बताई, जिसके बाद अब एम्स से बुलावा भी आया और मेडिकल जांच रिपोर्ट के बाद क्वालीफाई करने का प्रमाण पत्र भी दिया गया। गुरुवार को बीएचयू छात्र अधिष्ठाता कार्यालय में प्रो. एमके सिंह ने परितोष को प्रमाण पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया।
परितोष ने बताया कि एम्स से डिसक्वालीफाई करने के बाद लगा कि कभी डॉक्टर नहीं बन सकूंगा। पीएम से मिलने के अगले दिन एम्स से बुलावा आया और अब जो प्रमाण पत्र मिला है, उससे डॉक्टर बनने का सपना साकार हो सकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार भी जताया। कार्यक्रम में डॉ. सुनील मिश्रा, डॉ. संजय चौरसिया, डॉ. संध्या दूबे, नमिता सिंह आदि मौजूद रहे।