वाराणसी। औढे़ की जनसभा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्ती का संदेश दिया। आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ नारे लगा रही जनता को आश्वस्त करते हुए कहा- प्रधान सेवक होने के नाते मैं आपकी भावनाओं का भी प्रतिनिधि हूं।
प्रधानमंत्री की सभा में सैकड़ों लोग तिरंगा लेकर पहुंचे थे और सब में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ जवानोें के काफिले पर हुए आतंकी हमले का जबरदस्त गुस्सा था। प्रधानमंत्री के मंच पर पहुंचने से पहले ही लोग वंदे मातरम और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे थे। नारेबाजी का यह सिलसिला प्रधानमंत्री के आने और उनके संबोधन के दौरान भी जारी रहा।
प्रधानमंत्री ने संबोधन की शुरुआत की और तोफापुर गांव के शहीद रमेश यादव को याद किया तो जनता से आतंक विरोधी स्वर और तेज हो गए। पाकिस्तान मुर्दाबाद और आतंकवाद का समूल नाश हो जैसे नारे गूंजे तो प्रधानमंत्री ने कहा कि देश का प्रधान सेवक और उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधि होने के नाते मैं आपकी भावनाओं का भी प्रतिनिधि हूं। शहीद रमेश को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उन्होंने कहा-मुझे इनकी वीरता का कर्ज चुकाने का साहस मिले, काशी विश्वनाथ, मां गंगा और आप लोगों से इसके लिए आशीर्वाद लेने आया हूं।
प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत में पुलवामा में शहीद हुए जिले के तोफापुर निवासी रमेश यादव को याद किया लेकिन चंदौली जनपद के शहीद जवान अवधेश कुमार यादव का नाम नहीं लिया। इसे लेकर सभास्थल में मौजूद लोगों का कहना था कि शहीद रमेश के साथ ही अवधेश को भी याद करना चाहिए था। आखिरकार दोनों जवान एक ही वाहन में सवार थे और एक ही साथ शहीद हुए। प्रधानमंत्री यदि अवधेश को भी याद करते तो पूर्वांचल के लोगों से उनके संबंधों और ज्यादा प्रगाढ़ होते।