वाराणसी। स्वच्छ सर्वेक्षण में बनारस की रैंकिंग अच्छी होने की उम्मीद कम है। कारण, वाराणसी नगर निगम अंक हासिल करने में अन्य निगमों से काफी पीछे चल रहा है। फीडबैक सर्वे में भी स्थिति खराब है।
उधर, स्वच्छता सर्वेक्षण में फीडबैक सर्वे के लिए देर रात तक निगम के अधिकारी और कर्मचारी लगे रहे। दिल्ली से पहुंची स्वच्छता सर्वेक्षण की टीम ने भी तीन दिनों तक बनारस में रहकर जायजा लिया और रिपोर्ट गुरुवार को भेज दी। टाप फाइव में इंदौर शीर्ष पर है। लखनऊ दूसरे, ग्रेटर हैदराबाद तीसरे, आगरा चौथे और मैसूर पांचवे स्थान पर है। सूत्रों के अनुसार, काशी की रैंकिंग मार्च में घोषित की जाएगी।
स्वच्छता सर्वेक्षण की कैंटार, कार्वी और क्यूसीआई टीमों ने रिपोर्ट भेज दी है। कार्वी ने सर्वेक्षण के बाबत मानकों की जांच की। कैंटार ने गारबेज रेटिंग और क्यूसीआई ने ओडीएफ की रिपोर्ट तैयार की है। शौचालयों की सफाई, कूड़ा उठाने की व्यवस्था, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन आदि के बारे में जानकारी अपडेट की गई है। चार जनवरी से शुरू हुए सर्वेक्षण के लिए 90 वार्डों में एक लाख लोगों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया था। इसे देखते हुए शहर के विभिन्न क्षेत्रों में निगम के अधिकारी और कर्मचारी फीडबैक सर्वे में लगे रहे।