वाराणसी। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में शुक्रवार को केंद्रीय कार्यालय पर धरने पर बैठे छात्रनेताओं और कुलपति के बीच जमकर नोकझोंक हुई। छात्रनेता केंद्रीय कार्यालय को बंद कराकर किसी को अंदर जाने नहीं दे रहे थे, इसी बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने नेताओं को खदेड़ा। इससे करीब आधे घंटे तक परिसर में अफरा-तफरी का माहौल रहा। आरोप है कि इस दौरान केंद्रीय कार्यालय और छात्रावास के पास कुछ छात्रनेताओं की पुलिस ने पिटाई भी की। बाद में पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र धर द्विवेदी समेत तीन नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
विश्वविद्यालय में गुरुवार को छात्रसंघ उपाध्यक्ष शशिकांत पांडेय, पुस्तकालय मंत्री राधारमण पांडेय और पूर्व अध्यक्ष जितेंद्र धर द्विवेदी ने कुलाधिपति को पत्र देकर कुलपति की शिकायत की थी। इसमें नियमित कक्षाएं न चलने, कुलपति कार्यालय में शिक्षकों के बैठे रहने, छात्र हितों की अनदेखी, छात्रावास में समस्याओं सहित कई शिकायत कर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि कुलाधिपति के जाते ही पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष जितेंद्र धर द्विवेदी पर एक अधिकारी के साथ नोकझोंक के मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके विरोध में शुक्रवार सुबह छात्रनेता विश्वविद्यालय बंद कराकर धरने पर बैठ गए और कार्यालय में कुलपति, कुलसचिव सहित किसी को जाने नहीं दिया। इस दौरान उनकी नोकझोंक भी हुई। विवाद बढ़ता देख पुलिस ने धरनारत छात्रों को खदेड़ा। इससे केंद्रीय कार्यालय से लेकर नवीन छात्रावास तक छात्र किसी तरह भागे। मौके से पुलिस जितेंद्र धर समेत तीन नेताओं को चेतगंज थाने ले गई, यहां मारपीट, धमकी सहित अन्य आरोप में मुकदमा दर्ज करने के बाद जेल भेज दिया गया।