वाराणसी। डीजल रेल कारखाना (डीरेका) महाप्रबंधक रश्मि गोयल के फरमान का विरोध शुरू हो गया है। तनातनी के माहौल के बीच शुक्रवार को पीसीएमई (प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर) ने पत्र जारी कर सभी विभागों से पीसीएमई को रिपोर्ट करने के लिए कहा। इसके बाद आनन-फानन में डीरेका प्रबंधन ने पीसीएमई के पत्र का खंडन करते हुए पूर्व के निर्देशों (पीसीईई-प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को सभी विभाग रिपोर्टिंग करें) का पालन करने के निर्देश दिए।
मार्च, 2019 तक 400 इलेक्ट्रिक रेल इंजन निर्माण का लक्ष्य पाने के लिए 23 नवंबर को काशी आए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने डीरेकाकर्मियों का उत्साह बढ़ाया था। अगले दिन महाप्रबंधक रश्मि गोयल ने डीरेका के कारखानों की कमान पीसीईई को सौंप दी। इससे पहले कारखाने जिम्मेदारी पीसीएमई की थी। इसके बाद मेकैनिकल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का विरोध शुरू हो गया।
शुक्रवार को पीसीएमई ने पत्र लिखा है। पत्र में रेलवे बोर्ड के आदेश महाप्रबंधक के पत्र का हवाला देते हुए कारखाने के अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे रेलव बोर्ड से निर्देश न आने तक पीसीएमई को रिपोर्ट करते रहें। पत्र महाप्रबंधक के साथ ही पीसीईई, पीएफए, पीसीएमएम, पीसीई सहित अन्य अधिकारियों को भी भेजा गया। जवाबी कार्रवाई करते हुए महाप्रबंधक ने पीसीपीओ के माध्यम से एक पत्र निर्गत कराया। इसमें पीसीएमई के पत्र का खंडन करने के साथ ही इसका संज्ञान न लेने को कहा गया है।