चौबेपुर। राजवारी गांव में मीना निषाद की हत्या के बाद शुक्रवार को प्रतिमा विसर्जन से लौट कर घर आए उसके दोनों बेटों विकास और विशाल ने खून से लथपथ मां का शव देखा तो अचेत हो गए। ग्रामीणों ने दोनों के मुंह पर पानी के छींटे मारे तो उन्हें होश आया। इसके बाद दोनों कमरे में जाकर औंधे मुंह गिर पड़े। पुलिस आई और लगभग दो घंटे बाद दोनों को कमरे से बाहर निकाल कर उनका प्राथमिक उपचार कराया गया तब जाकर दोनों बच्चे रोये।
उधर, चौथी की मां परमा बार-बार यही कहते हुए बिलख रही थी कि अब बुढ़ापेे में उसका और दोनों बच्चों का ख्याल कौन रखेगा। पूरा परिवार बिखर गया। वहीं, वारदात से राजवारी गांव के ग्रामीण सन्न थे। परिजनों ने बताया कि हिरासत में लिए गए प्रदीप के घर आने का मीना विरोध करती थी। इसके बावजूद वो मीना के दोनों बेटों के साथ लगा रहता था। ग्रामीणों ने मांग की है कि पुलिस मामले का सही खुलासा करे और आरोपी को फांसी की सजा दी जाए।