वाराणसी। मंडुवाडीह थाने में गैंगरेप और जबरन देह व्यापार सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराने वाली पीडि़ता के मेडिकल मुआयना और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया गुरुवार को भी नहीं पूरी की जा सकी। गैंगरेप जैसे संवेदनशील मामले में इस तरह का ढुलमुल रवैया पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इलाकाई लोगों की मानें तो आरोपियों के प्रभाव में आकर पुलिस प्रभावी तरीके से कार्रवाई नहीं कर रही है और सभी खुले में घूम रहे हैं।
मंडुवाडीह थाने में न्यायालय के आदेश से बीते शुक्रवार को शिवदासपुर की ग्राम प्रधान के पुत्र चंदन गुप्ता सहित पांच के खिलाफ गैंगरेप और जबरन देह व्यापार कराने सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया था। हफ्ता भर बीत जाने के बाद भी पीडि़ता का मेडिकल मुआयना और न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। इस संबंध में इंस्पेक्टर मंडुवाडीह ने बताया कि मेडिकल मुआयना में दो से तीन दिन का समय लगता है। मेडिकल मुआयना की प्रक्रिया पूरी होते ही पीडि़ता का बयान न्यायालय में दर्ज कराया जाएगा।
उधर, शिवदासपुर से देह व्यापार के अड्डे बंद करने के लिए आरोपी चंदन और उसके करीबियों का जारी धरना बगैर किसी नतीजे पर पहुंचे ही खत्म हो गया। गुरुवार को भी रोजाना की तरह ही शिवदासपुर मोड़ पर टेंट लगा लेकिन वहां धरना देने कोई नहीं पहुंचा। बता दें कि आरोपी चंदन ने कहा था कि जब तक शिवदासपुर के देह व्यापार के अड्डे बंद नहीं हो जाते उसका धरना जारी रहेगा। मगर, उससे पहले ही धरने का खत्म हो जाना ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीणों का कहना था कि संभवत: पुलिस की कार्रवाई के डर से चंदन ने धरना खत्म कर दिया है।