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काम रुकवा कर रंगदारी मांगी तब हरकत में आया प्रशासन

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वाराणसी। न्यायालय से गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद छात्र आशुतोष सिंह रोजाना बीएचयू परिसर में ही रहता था, इसकी जानकारी पुलिस को भी थी लेकिन उसकी गिरफ्तारी नहीं की गई। बुधवार को जब काम रुकवा कर आशुतोष के रंगदारी मांगने की शिकायत केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) की बीएचयू परियोजना मंडल इकाई ने प्रशासन के आला अधिकारियों से की तब लंका पुलिस हरकत में आई। सर्विलांस की मदद से कुछ ही घंटों के अंदर आशुतोष की लोकेशन ट्रैक कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
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सपा सरकार में छात्रसभा की बीएचयू इकाई के प्रभारी रहे आशुतोष की पहुंच पुलिस और प्रशासन तक रही। मुकदमे दर्ज होते गए लेकिन उसके विरुद्ध ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सीपीडब्ल्यूडी के एक कार्यपालक अभियंता ने बुधवार को काम रुकवाकर रंगदारी मांगने की शिकायत सीधे पुलिस-प्रशासन के उच्चाधिकारियों से की। आला अधिकारियों की नाराजगी के बाद पुलिस हरकत में आई।
कार्यपालक अभियंता की ओर से लंका थाने में दी गई तहरीर के अनुसार बीएचयू परिसर में अलग-अलग स्थान पर उनकी ओर से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। बुधवार की सुबह विजुअल आर्ट्स एंड परफार्मिंग आर्ट्स साइट पर जारी निर्माण कार्य को आशुतोष सहित छात्रों के एक गुट ने जबरन रुकवा दिया। कहा कि जब तक हमें रुपये नहीं मिलेंगे तब तक काम नहीं शुरू होगा। बीएचयू में जहां भी सीपीडब्ल्यूडी की ओर से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, उनसे जुड़े आधा दर्जन से अधिक ठेकेदारों से बीते एक साल से आशुतोष और उसके साथी जबरन रुपये ऐंठ रहे हैं। इन सभी ठेकेदारों का जिक्र कार्यपालक अभियंता ने तहरीर में भी किया है। साथ ही, जानमाल की रक्षा और काम के अनुकूल माहौल बनाने की गुजारिश की है। लंका थानाध्यक्ष संजीव मिश्रा ने बताया कि तहरीर के आधार पर आशुतोष और अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
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