वाराणसी। विश्व दिव्यांग दिवस पर रविवार को बीएचयू समेत शहर में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों ने दिव्यांगों को मुख्य धारा से जोड़ने का संकल्प लिया। करौंदी स्थित विकलांग समाकलन संस्थान में दिव्यांगों ने अपने द्वारा तैयार कराए गए जनोपयोगी सामानों की प्रदर्शनी लगाई गई, जिसको लोगों ने सराहा। उधर मुर्दहा स्थित क्राइस्ट नगर में आयोजित कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं विकलांग जन विकास मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने दिव्यांगों की सुविधा के लिए हर विभाग को एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की।
जन विकास समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में राजभर ने कहा कि परिश्रम से किए जाने वाले हर कार्य में सफलता जरूर मिलती है। दिव्यांगों की ओर से समाज में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पुरस्कार की धनराशि 5 हजार से 25 हजार कर दी गई। 25 लोगों में इस पुरस्कार का वितरण कराया जाएगा। सरकार की ओर से हर विभागों को दिव्यांगों की सुगमता के लिए एक करोड़ दिया जाएगा। इसके अलावा दिव्यांगों को दुकान खोले जाने के लिए मिलने वाली धनराशि को 10 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने की बात कही। अतिथियों का स्वागत निदेशक फादर एलेक्स ने किया। इसके पूर्व कचहरी से जागरूकता रैली निकाली गई और दिव्यांग बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया। करौदी विकलांग संस्थान के प्रधानाचार्य रामकेश के निर्देशन में दिव्यांग बच्चों ने मोमबत्ती, गुलदस्ता, स्टैंड आदि की प्रदर्शनी लगाई। बीएचयू सामाजिक विज्ञान संकाय के संबोधि सभागार में दिव्यांग छात्र समागम में जिला दिव्यांग कल्याण अधिकारी राजेश मिश्र ने छात्रों में जरूरी उपकरणों का वितरण किया। इस दौरान संकाय प्रमुख प्रो.आरपी पाठक, प्रो. बिंदा परांजपे आदि लोग मौजूद रहे।