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इमरजेंसी कॉल पर दौड़ पड़े डॉक्टर

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जौनपुर। सिकरारा में रोडवेज बस हादसे की खबर मिलते ही जिला अस्पताल के सभी डाक्टर, फार्मासिस्ट समेत अन्य स्टाफ को एमरजेंसी काल पर अस्पताल बुला लिया गया। घायलों को अस्पताल पहुंचने से पहले सीएमएस डा. एसके पांडेय अपनी पूरी टीम के साथ अस्पताल गेट पर मौजूद थे। एंबुलेंस के पहुंचते ही घायलों को उतारकर स्टेचर से वार्ड में ले जाया गया जहां उनका फौरन इलाज शुरू हो गया।
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एंबुलेंस और निजी वाहनों पर लादकर जितने भी घायलों को अस्पताल लाया गया उस वक्त उनका यहां कोई अपना भले ही नहीं था लेकिन अस्पताल के स्टाफ और विकास भवन सीडीओ व डीपीआरओ के साथ पहुंचे कर्मचारियों ने लोगों को एंबुलेंस से उतारकर स्टेचर से वार्ड तक पहुंचाने में काफी मदद की। तेज धूप में भूख और प्यास की परवाह किए बिना ही लोग पूरी तनमयता से घायलों की मदद में तबतक लगे रहे जबतक माहौल पूरी तरह सामान्य नहीं हो गया। सीएमएस ने वार्डों में बेड खाली कराकर हर वार्ड पर ग्लूकोज की बाटल और प्राथमिक उपचार से संबंधित सारे संसाधनों से लैश कर दिया था। यही वजह रही कि इतनी अधिक संख्या में घायलों को अस्पताल लाया गया लेकिन सभी का फौरन अस्पताल पहुंचते ही इलाज शुरू हो गया। डा. आरके जायसवाल अपनी टीम के साथ उन मरीजों को उनके बेड पर ही प्लास्टर बंधते रहे जिनके हाथ. पैर या शरीर के किसी अन्य हिस्से की हड्डी टूट गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद पुलिस अफसर घायलों से उनके परिवार वालों का फोन नंबर लेकर उन्हें खबर करने में भी लगे रहे। सीडीओ शीतला प्रसाद विकास भवन में मातहतों को साथ मीटिंग कर रहे थे। हादसे की खबर मिली तो वह मीटिंग छोडकर डीपीआरओ, एडीओ पंचायत व अन्य कर्मचारियों के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। इनके अलावा पूर्व भाजपा नेता व सभासद विनय कुमार सिंह, शिक्षक नेता संतोष सिंह, शशांक सिंह रानू समेत कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी अस्पताल पहुंचकर घायलों की मदद में लग गए।
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