वाराणसी। हांड़ कंपाने वाली सर्दी में निगम के अलाव भी ठंडे पड़े हैं। दावा तो 50 से अधिक स्थानों पर अलाव जलवाने का किया जा रहा है, लेकिन चुनिंदा जगहों पर लकड़ियां गिराकर खानापूर्ति कर दी जा रही है।
हर साल 15 दिसंबर से अलाव की लकड़ियों के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू होती थी और अलाव के लिए स्थान चिह्नित होते थे। इस बार 20 दिन बाद भी लकड़ियों के लिए टेंडर नहीं हो पाया है। फिलहाल कुछ स्थानों पर अलाव के लिए लकड़ियों की व्यवस्था नगर निगम की ओर से बिना टेंडर ही की जा रही है। उद्यान अधीक्षक केएस पांडेय के अनुसार, 55 स्थानों पर लकड़ियां गिराई गई हैं। इनमें अस्पताल, प्रमुख चौराहे, बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, रैन बसेरे आदि शामिल हैं। टेंडर नहीं होने के बावजूद निगम अपने खर्च से लकड़ियों का प्रबंध कर रहा है। उनका कहना है कि बांड भरने से बचने के लिए लोग टेंडर डालने से कतरा रहे हैं। कुछ पार्षदों के यहां से भी सूची आई है, इनमें से बारी-बारी से सभी पार्षदों के इलाके में लकड़ियां गिराई जा रही हैं।