वाराणसी। आईआईटी बीएचयू में ऊर्जा खपत को लेकर आयोजित दो दिवसीय संगोष्ठी में देश-विदेश से आए वैज्ञानिकों ने परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने पर मंथन किया। बतौर मुख्य अतिथि परमाणु ऊर्जा आयोग के सदस्य पद्मश्री प्रो. आरबी ग्रोवर ने कहा कि परमाणु ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने के लिए परमाणु रियक्टर के अंदर अधिक ऊष्मा पैदा करने की जरूरत है। ऐसा करने से ही ऊर्जा खपत और मौजूदा स्थिति के बीच की कमी पूरी होगी।
आईआईटी बीएचयू और आईआईटी मुंबई के संयुक्त तत्वावधान में क्रिटीकल हीट फ्लक्स और मल्टीफेज फ्लो विषयक संगोष्ठी में प्रो. आरबी ग्रोवर ने कहा कि परमाणु रिएक्टर के भीतर अधिक उष्मा पैदान करने के लिए क्रिटीकल हीट फ्लक्स को समझना बहुत जरूरी है। इससे पहले प्रेस कांफ्रेंस में भी इसकी जानकारी ग्रोवर ने दी। बताया कि देश में 22 परमाणु रिएक्टर चल रहे है, जिसमें 18 तो भारत में ही बनाए गए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश में अभी प्रति व्यक्ति बिजली की खपत करीब पांच हजार यूनिट होनी चाहिए लेकिन अभी केवल 1100 यूनिट ही मिल पा रही है। मकान, दुकान हाें या अन्य संसाधन हर जगह बिजली की खपत अधिक है। बताया कि ऐसे में परमाणु ऊर्जा की जरूरत अधिक है। 2050 तक यदि भारत को पड़ोसी देश चीन के बराबर प्रति व्यक्ति ऊर्जा खपत के स्तर तक पहुंचना है तो परमाणु ऊर्जा विकास पर विशेष ध्यान देना होगा। परमाणु ऊर्जा नियामक परिषद के अध्यक्ष एसए भारद्वाज ने कहा कि परमाणु ऊर्जा से निकलने वाले परमाणु कचरे के दुष्परिणाम को कम करने की चुनौती को वैज्ञानिकों को स्वीकार करना चाहिए। इस दौरान आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार जैन, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के विभागाध्यक्ष प्रो. एपी हर्षा ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान प्रो. पी घोष, प्रो. अतुल श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।