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मां की प्रताड़ना से आजिज आकर की थी हत्या

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वाराणसी। सिगरा थाना अंतर्गत औरंगाबाद की मीरा जायसवाल की हत्या उसके बेटे अमित ने अपने दो दोस्तों दौलतपुर पांडेयपुर के धीरज उर्फ धीरू शीतलानी और रमरेपुर पहड़िया के शिवम सिंह के साथ मिल कर की थी। तीनों के पास से वारदात में प्रयुक्तचाकू, छह मोबाइल, 47 हजार रुपये, स्कूटी, एक मोपेड और दो ग्लब्स बरामद कर पुलिस ने शनिवार को उन्हें जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार मीरा के तानाशाह रवैये, प्रताड़ना और झगड़ालु प्रवित्ति से आजिज आकर उसके बेटे अमित ने दोनों दोस्तों के साथ उसकी हत्या की।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इंस्पेक्टर कैंट राजीव रंजन उपाध्याय ने तफ्तीश शुरू की तो सामने आया कि मीरा का किसी से कोई विवाद नहीं था। मंगलवार से घर से गायब मीरा के संबंध में सिगरा थाने पर सूचना भी नहीं दी गई थी। इंस्पेक्टर कैंट ने मीरा के बेटे अमित से पूछताछ शुरू की तो उसके बार-बार बदलते बयानों के कारण उस पर शक गहराता चला गया। कड़ाई से हुई पूछताछ में अमित टूट गया और स्वीकार किया कि उसी ने दो दोस्तों के साथ अपनी मां मीरा की हत्या की है।
अमित ने पुलिस को बताया कि उसकी मां झगड़ालु और तानाशाह किस्म की थी। उसकी प्रताड़नाओं से आजिज आकर पिता अनिल सिंह डेढ़ साल पहले घर छोड़ कर भाग गए। नानी, बहन और अन्य रिश्तेदारों ने उसके घर आना-जाना बंद कर दिया था। अमित ने बताया कि दो माह पहले उसकी शादी गोरखपुर की अंकिता से हुई थी। मां की हरकतों से परेशान होकर पत्नी अपने मायके चली गई। घर पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की दुकान खोली तो मां हमसे नौकरों जैसे बरताव करती थी। 50-100 रुपये के लिए भी दिन-दिन भर रिरियाना पड़ता था। अमित ने बताया कि इस वजह से वो मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगा और मां की हत्या करने की सोचा।
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इस काम में दुकान पर अकाउंटिंग का काम करने वाले धीरू ने मदद की बात कही और अपने दोस्त शिवम सिंह से मुलाकात कराया। अमित ने बताया कि 17 सितंबर की रात मां के दूध में उसने चोरी से नींद की 15 गोली मिलाई और जब वो बेसुध हो गई तो उसका मोबाइल लेकर शिवम सोनभद्र चला गया और फिर अगले दिन वापस लौटा। 18 सितंबर की रात मां को दूध में फिर नींद की 20 गोली दी गई। बेसुध हो जाने पर उसे करेंट के झटके दिए गए और फिर चाकू से कमर व पीठ पर ताबड़तोड़ वार कर मार डाला गया। इसके बाद लाश को पॉलिथीन के थैले में पैक कर टीन के छोटे से बॉक्स में रख कर 20 सितंबर की सुबह मोपेड से ले जाकर छोटा लालपुर स्थित पोखरे के समीप फेंक दिया गया और बॉक्स लेकर तीनों वापस लौट आए। इसके साथ ही पूरे घर की साफ सफाई की गई और डीवीआर को फार्मेट कर घर पर लगे सीसी कैमरे तोड़ दिए गए।
मौसी और नानी को फसाने के लिए शव के साथ फेंका था मोबाइल
अमित ने बताया कि हत्या का मास्टरमाइंड शिवम था। मां के मोबाइल को लेकर शिवम सोनभद्र इसलिए गया था ताकि लोकेशन वहीं की मिले और पुलिस को मौसी नानी पर शक हो। अमित ने बताया कि शिवम ने हत्या के बदले चार लाख रुपया मांगा था। इसके लिए मां के लॉकर की नकली चाबी बनवाई गई और उसे खोला गया तो एक लाख 15 हजार रुपये ही मिले। इसमें से 90 हजार शिवम को और शेष धीरू को दे दिया गया।
खुलासा करने वाली टीम को 15 हजार का इनाम
एसएसपी ने कहा कि सनसनीखेज वारदात का खुलासा कैंट इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने महज 48 घंटे में कर दिया। इस वजह से कैंट इंस्पेक्टर और उनकी टीम के एसआई मुकेश कुमार तिवारी व संजीत बहादुर सिंह, कांस्टेबल रामानंद यादव, धर्मदेव चौहान, संतोष शाह व गोरखनाथ को 15 हजार रुपये का इनाम दिया है। आईजी रेंज और एडीजी जोन को इस टीम को पुरस्कृत करने की संस्तुति की जाएगी।
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