वाराणसी। आयकर विभाग की ओर से मंगलवार शाम से शुरू हुई स्कूल ड्रेस और स्टेशनरी की दुकानों पर सर्वे की कार्रवाई बुधवार सुबह तक चलती रही। इस दौरान अधिकारी तीन बड़े प्रतिष्ठानों की गुरुबाग, लक्सा, सुंदरपुर और महमूरगंज स्थित 17 शाखाओं पर सामानों की बिक्री से जुड़े कागजात, कंप्यूटर के हार्ड डिस्क को सीज कर अपने साथ ले गए। कार्रवाई खत्म होने के बाद दो प्रतिष्ठानों ने क्रमश: सवा करोड़-सवा करोड़ रुपये अधिकारियों के सामने सरेंडर किए।
अपर आयकर आयुक्त-रेंज द्वितीय अभय ठाकुर की अगुवाई में 50 से अधिक अधिकारियों की टीम पुलिस बल के साथ विद्यार्थी केंद्र, विद्या केंद्र कॉपी-किताब की दुकान और सुंदरपुर स्थित कंफर्ट शोरूम के प्रतिष्ठान पर जांच करने मंगलवार शाम तीन बजे पहुंची थी। इस कार्रवाई से शहर के अन्य पुस्तक और ड्रेस कारोबारी सकते में रहे। आयकर अधिकारी के मुताबिक इन प्रतिष्ठानों की ओर से लंबे समय से कर चोरी की जा रही थी। इसमें मूल आय से कम घोषित करना, कोई सही कागजात न रखना आदि शामिल हैं।
देर रात तक चली कार्रवाई में जब इन प्रतिष्ठानों में मिले स्टॉक और कंप्यूटर में दर्ज रिकार्डों की जांच की गई तो बड़ा अंतर मिला। इस दौरान अलग-अलग नामों के हस्ताक्षर किए चेक, सादी पर्चियां, खाता-बही, हार्ड डिस्क, पर्सनल डायरी आदि कागजात मिले, जिसे तत्काल सीज कर दिया गया। इसमें विद्यार्थी केंद्र और कंफर्ट शोरूम की ओर से सवा-सवा करोड़ रुपये सरेंडर किया गया। अधिकारियों के मुताबिक इनमें सबसे खराब दशा विद्या केंद्र का है। इनके प्रतिष्ठानों पर तो कोई कैशमेमो, रजिस्टर आदि जरूरी कागजात नहीं है। कितने की कर चोरी सामने आएगी यह तो कागजातों की जांच के बाद पता चलेगा।