वाराणसी। पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों काशी में अद्भुत स्वागत और सत्कार से अभिभूत हुए तो काशीवासी भी दुनिया भर में अमिट छाप छोड़ने वाली इस उपलब्धि से फूले नहीं समा रहे हैं। कई दिन की मेहनत के बाद सोमवार को घाटों की खूबसूरती में चार चांद लगाने वाले कलाकार तो निहाल हैं।
कलाकारों और स्कूलों के बच्चाें ने पूरी शिद्दत के साथ इस सत्कार महोत्सव को भव्य, अद्भुत और अलौकिक बनाने में अपनी भूमिका निभाई। इसमें उन कलाकारों का भी पूरा हाथ रहा, जो दूसरे शहरों से आकर वहां की संस्कृति से परिचय कराकर मेहमान के समक्ष मिनी भारत की झांकी उकेरी।
अस्सी घाट पर झांकी सजाए काशी के कलाकार फ्रांस से आए मेहमान के सामने भरत मिलाप के लिए विश्व प्रसिद्ध काशी की छाप छोड़ सके। चिंतामणि म्यूजिक एकेडमी के बच्चों का कहना था कि शंखनाद से पीएम व राष्ट्रपति का स्वागत कर हमने उन्हें यहां की संस्कृति से परिचय कराया। तुलसी घाट पर सनबीम एकेडमी चित्रकार अनिल शर्मा के निर्देशन 50 फीट का मोदी व मैक्रों का कटआउट बनाने वाली टीम पंकज वर्मा, अमित उपाध्याय, आशीष गुप्ता, अभिषेक, योगेश, अभय व फेंकू भी खुश हैं कि उन्होंने एक अनोखे अंदाज में उनका स्वागत किया।
दूसरी ओर मयूर नृत्य की प्रस्तुति के लिए मथुरा से आईं गीतांजलि शर्मा व उनकी टीम भी अभिभूत है। कहा-पहली बार काशी के घाट की सीढि़यों पर मयूर नृत्य का अलग अनुभव रहा। उस पर पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के स्वागत में हमने प्रस्तुति दी, ये हमारे लिए गौरव की बात है। इसी तरह राजा घाट पर राष्ट्रीय स्वच्छता मिशन का गीत पेश करने नैनीताल से काशी आए बच्चों ने बनारस का भी शुक्रिया अदा किया। ‘कूड़ा कचरा साफ करेंगे बापू हम...’ गीत की प्रस्तुति के लिए नैनीताल से आई दीपिका जोशी, गौरांशी जोशी, चेतना भट्ट, अभय भट्ट और नवींदू जोशी की टीम ने कहा कि काशी में आकर हम गौरवशाली क्षण के साक्षी बने। बच्चों के साथ गीतकार डॉ. डीएन भट्ट, हरिश्चंद्र जोशी व ऋचा जोशी भी थीं।
कुश्ती के दांव दिखाने वाली अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास की बालिका पहलवान भी इस गौरवशाली क्षण की सहभागी बनकर गौरवान्वित हैं। पीएम मोदी व फ्रांस के राष्ट्रपति के सामने कुश्ती के कई दांव दिखाने वाली पहलवानों की टीम में नंदिनी, आस्था, मूर्ति, मधु, बबली और संध्या ने कहा कि यह उनकी जिंदगी का यादगार लमहा था और हमेशा याद रहेगा।