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महिला पार्षदों को बुलाया, पहुंच गए पति

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वाराणसी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद सोमवार को उस समय नाराज हो गए, जब महिला पार्षदों को मंच पर बुलाने के दौरान उनके पति मंच पर पहुंच गए। आजाद ने मंच से ही बेचारगी के भाव में कहा कि ऐसे तो पार्टी की राजनीति हो चुकी। हम सदन में 50 फीसदी महिलाओं को आरक्षण की मांग कर रहे हैं लेकिन क्या ऐसी हालत में हम आरक्षण दे पाएंगे। निकाय चुनाव में जीती महिला पार्षद मंच पर आकर बोलने से डर रही हैं तो फिर वे अधिकारी या विधायक से बात क्या करेंगी। उनके पति आ रहे हैं, रिश्तेदार आ रहे हैं। यह सही नहीं है। कम से कम जो जीती हैं, उनको तो लाना चाहिए।
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नागरी नाटक मंडली में कांग्रेस के मंडलीय कार्यकर्ता सम्मेलन में कांग्रेस ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए हर बूथ हो मजबूत का नारा देकर कार्यकर्ताओं को बुलाया था। सम्मेलन में कांग्रेस के कद्दावर नेताओं के साथ छोटे और मोहल्ले के नेताओं को भी बुलाया गया था। सम्मेलन शुरू होने पर निकाय चुनाव में वार्डों से पार्षद का चुनाव जीतने वाली महिलाओं को मंच पर दो शब्द बोलने के लिए उनका नाम लेकर बुलाया गया लेकिन महिलाएं मौजूद ही नहीं थीं।
उनके पति, बेटे, भाई और दूसरे रिश्तेदारों ने हाथ खड़ा कर मंच की तरफ कदम बढ़ा दिए। इस पर पहले तो कुछ देर हंसी-मजाक हुआ लेकिन बाद में एक के बाद एक महिला पार्षदों के नाम पर उनके रिश्तेदारों के आगे आने पर आजाद नाराज हो गए। सम्मेलन में बनारस के अलावा गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली के कार्यकर्ता भी शामिल हुए। सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर, पूर्व सासंद डॉ. राजेश मिश्र, मणिशंकर पांडेय, पूर्व विधायक अजय राय, कमलाकर त्रिपाठी, सतीश चौबे, सतीश राय, अनिल श्रीवास्तव अन्नू, मणिंद्र मिश्रा, जितेंद्र सेठ, शैलेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। संचालन जिलाध्यक्ष प्रजानाथ शर्मा ने किया।
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शालिनी की तारीफ, रेखा से मांगी माफी
इस दौरान आजाद ने पार्टी की मेयर प्रत्याशी शालिनी यादव की तारीफ की। वहीं रामनगर पालिका परिषद की चेयरमैन रेखा शर्मा से माफ ी मांगी। कहा, नेताओं को जेब से रूमाल की तरह प्रत्याशी नहीं निकालना चाहिए। फिर रेखा शर्मा की ओर मुखातिब होते हुए कहा कि अगर आप निर्दलीय चुनाव लड़ कर न जीततीं तो आपके साहस, आपकी क्षमता को कोई नहीं जान पाता। उन्होंने परोक्ष रूप से स्थानीय संगठन को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि चहेतों को टिकट देना बंद करें।
पार्षदोें ने निकाली भड़ास
मौके का फायदा उठाते हुए डिठौरी महाल के पार्षद विनय साजेदा ने कहा कि पार्टी की अपेक्षित जीत न होने के पीछे सबसे बड़ा कारण हमारा सड़क पर न निकलना है। वार्ड 79 के पार्षद तुफेल अंसारी ने कहा कि कांग्रेस बूथों पर बहुत कमजोर है। मंच की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां बनारस का एक भी मुस्लिम नेता नहीं है। मांग की कि शीर्ष नेतृत्व स्पष्ट करे कि सत्ता में आने पर वह व्यापारी हित के लिए क्या करेगी।
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