वाराणसी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने देश की 123 शैक्षणिक संस्थाओं पर अपने नाम के साथ विश्वविद्यालय शब्द का इस्तेमाल करने पर रोक लगा दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यूजीसी ने पत्र जारी कर इस आशय का निर्देश दिया है। कहा कि कि ये संस्थाएं अपने नाम से यूनिवर्सिटी शब्द हटाकर डीम्ड शब्द जोड़ें।
यूजीसी के सचिव पीके ठाकुर ने 10 नवंबर को पत्र जारी कर निर्देश दिया है कि सभी संस्थाएं एक माह के अंदर इस मामले में आवश्यक कदम उठाएं। वाराणसी के केंद्रीय तिब्बती अध्ययन संस्थान, सारनाथ को भी यूजीसी का यह पत्र प्राप्त हो गया है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के भातखंडे संगीत संस्थान लखनऊ, दयालबाग एजुकेशनल संस्थान आगरा, इंडियन वेटनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट इज्जत नगर, जेपी इंस्टीट्यूट आफ इंफार्मेशन टेकभनोलाजी नोएडा, नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय कोटवा इलाहाबाद, सैम हिगिनबाटम इंस्टीट्यूट आफ एग्रीकल्चर टेकभनोलाजी एंड साइंस इलाहाबाद, शोभित इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेकभनोलॉजी मेरठ, संतोष यूनिवर्सिटी गाजियाबाद को भी अपने नाम से विश्वविद्यालय शब्द हटाने के लिए पत्र जारी किया गया है।
आरके उपाध्याय, कुलसचिव, केंद्रीय तिब्बती अध्ययन संस्थान सारनाथने बताया कि विश्वविद्यालय शब्द हटाने के संदर्भ में यूजीसी का पत्र मिला है। कुलपति की अध्यक्षता में बैठक के बाद यूजीसी के निर्देश के अनुपालन में फैसला लिया जाएगा।