वाराणसी। महापौर पद के साथ ही पार्षद प्रत्याशियों का टिकट फाइनल करने में भाजपा के रणनीतिकारों के सामने कई चुनौतियां हैं। सबसेे अहम, टिकट के कई दावेदार हैं। सूची जारी होने के बाद टिकट न हासिल कर पाने वाले दावेदारों में असंतोष की आशंका को देखते हुए पार्टी ने पहले से ही डैमेज कंट्रोल की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए क्षेत्रवार पार्टी पदाधिकारियों को जिम्मेदारी दी जा रही है कि वे ऐसे कार्यकर्ताओं को समझाएं और भविष्य में किसी न किसी रूप में अवसर मिलने पर उन्हें तरजीह दिए जाने का भरोसा दिलाएं।
दरअसल, पार्षद प्रत्याशियों के लिए भाजपा में दावेदारों की कतार लंबी है। पार्टी सूत्र भी इससे इनकार नहीं कर रहे हैं कि टिकट फाइनल होने पर कुछ दावेदारों में असंतोष की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। वे बागी उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इस स्थिति से निबटने के लिए पार्टी ने अपनी रणनीति पर अमल शुरू कर दिया है। उधर, अब तक पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी न होने से दावेदारों की धड़कन बढ़ गई है। क्षेत्रीय कार्यालय, जिला कार्यालय और महानगर कार्यालय के चक्कर लगा रहे दावेदार यह जानने की कोशिश में हैं कि कब तक सूची जारी होगी। शुक्रवार को पहले चरण के चुनाव वाले जिलोें की सूची जारी हुई। पार्टी सूत्रों का कहना है कि वाराणसी में दूसरे चरण में चुनाव होना है, लिहाजा जल्द ही यहां की भी सूची जारी की जाएगी।