वाराणसी। बीएचयू में छेड़खानी, मारपीट की घटनाओं और बाहरी युवकों के प्रवेश पर अंकुश लगाने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता बनाने की कवायद की जा रही है। प्राक्टोरियल बोर्ड की नई टीम के गठन के बाद परिसर की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। इसके तहत आठ जगहों पर बैरीकेडिंग लगाने का काम शुरू किया गया है। महिला सुरक्षा गार्डों की संख्या बढ़ाने के साथ ही रात में सभी प्रवेश द्वारों पर सख्त निगरानी की जाएगी।
बीएचयू में 21 सितंबर को छात्रा से छेड़खानी के बाद धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं पर 23 सितंबर को लाठीचार्ज और जमकर बवाल हुआ था। इसके बाद एक महीने के भीतर तीन छात्राओं से छेड़खानी और विदेशी छात्र के साथ रैगिंग होने से विश्वविद्यालय प्रशासन की चिंता बढ़ गई। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को सख्त बनाया जा रहा है। इसके तहत मधुबन, त्रिवेणी हॉस्टल, एलडी गेस्ट हाउस के पास बैरिकेडिंग कराई गई है। अब हैदराबाद-नरिया गेट, लिंबडी हॉस्टल समेत आठ जगहों पर बैरीकेडिंग का काम शुरू हो गया है। वहीं, 13 महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती कर दी गई है। साथ ही प्रशासन से 17 महिला होमगार्ड की मांग की गई है।