सीतामढ़ी। गुप्त नवरात्र के पावन अवसर पर बारीपुर और सीतामढ़ी में आयोजित श्रीशतचंडी महायज्ञ में बुधवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। वैदिक मंत्रोच्चार की गूंज, हवन, पूजन, आरती के भव्य आयोजन से क्षेत्र देवीमय हो गया है। सुबह के कार्यक्रम में दुर्गा शप्तशती पाठ, हवन आदि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति देकर जीवन को धन्य किया।
बारीपुर में शतचंडी महायज्ञ समाजसेवी राहुल दुबे के यहां पंडित महेंद्र प्रताप तिवारी के आचार्यत्व में चल रहा है। बुधवार को शायंकालीन आरती के पश्चात भजन संध्या का आयोजन किया गया। आचार्य ने यज्ञ महिमा को बताते हुए कहा कि मां दुर्गा शक्ति की देवी हैं। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए जिस यज्ञ विधि को पूर्ण किया जाता है, उसे शतचंडी यज्ञ कहा जाता है। यज्ञ को सनातन धर्म में बेहद शक्तिशाली वर्णित किया गया है। उधर सीतामढ़ी में महर्षि वाल्मीकि आश्रम में शतचंडी यज्ञ में श्रद्धालु आहुति के लिए पहुंच रहे हैं। संयोजक मनोज शास्त्री ने बताया कि यज्ञ के मुख्य यजमान धर्मेंद्र सिंह, रागिनी सिंह और बसंतलाल गौड़ है। आचार्य डॉ. शिवपूजन शुक्ल ने कहा यज्ञ की पवित्र अग्नि के माध्यम से हम जो आहुति डालते हैं वो देवताओं तक पहुंचती है और देवता हमें आशीर्वाद देते हैं। इस मौके आचार्य पवन शुक्ल, पं. गुड्डू महराज, पं विनय दुबे, पं सुरेश दुबे आदि रहे।