वाराणसी। शनि देव के मंदिरों में शनिवार की शाम को श्रद्धालुओं का रेला उमड़ पड़ा। मंदिरों में तैलाभिषेक, पुष्पार्चन के अलावा काले रंग की वस्तुओं, फलों से सविधि पूजा की गई। सुसज्जित मंदिरों में तिल और सरसों के तेल के दीपों की अल्पनाएं सजाई गईं। भजनों की गूंज के साथ ही जगह-जगह शनि देव के मंत्रों का जाप किया गया। मौका था शनि आमावस्या का।
शनि की साढ़े साती, अढ़ैया, महादशा और अंतरदशा के अमंगलकारी प्रभावों से बचने के लिए जातकों ने शनिवाको शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए अनेक जतन किए। काले रंग के वस्त्रों के अलावा वस्तुओं का दान किया गया। सुंदरपुर स्थित अगिया-जोगियाबीर आश्रम परिसर में शनि देव का तैलाभिषेक सैकड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं ने बाल शनि उपासक कन्हैया स्वामी महाराज के निर्देशन में किया। कन्हैया स्वामी ने शनि दोष के अलावा काल सर्प दोष के निवारण के लिए शनिदेव के दरबार में अभिषेक और पूजा कराई। इस दौरान मंदिर फूलों और लतरों से सजाया गया था।