प्रदेश बार कौंसिल के सदस्य श्रीनाथ त्रिपाठी ने अधिवक्ताओं से अपील की है कि संशोधित वेरिफिकेशन ऑफ सर्टिफिकेट एंड प्लेस ऑफ प्रैक्टिस फार्म की सभी कार्रवाई पूरी कर 30 मई तक जमा कर दें। इलाहाबाद स्थित कौंसिल के कार्यालय में जमा करना है। बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय ने अधिवक्ताओं के लिए 10 लाख रुपये के बीमा प्रस्ताव पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उन्होंने कहा कि वेरिफिकेशन फार्म के बाबत सुप्रीम कोर्ट सख्त है। सुप्रीम कोर्ट ने 10 मई के आदेश में बार कौंसिल आफ इंडिया को सख्त हिदायत दी है कि प्रदेश बार के माध्यम से प्राप्त वेरिफिकेशन फार्म की सभी कार्रवाई 30 जून तक पूरी कर जुलाई के पहले सप्ताह में स्टेटस रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
फार्म में सभी अधिवक्ताओं को वर्ष 2014 से पीछे पांच वर्षों तक का प्रमाणित वकालतनामा (प्रत्येक वर्ष का अलग-अलग) की प्रमाणित कापी प्रस्तुत करना है। नोटरी अधिवक्ता, शासकीय अधिवक्ता व दस्तावेज निर्माता को अपने पिछले पांच वर्ष के अनुभव प्रमाण पत्र को शपथपत्र के साथ देना है। एक जनवरी 1976 के पहले के अधिवक्ताओं को हाईस्कूल, विधि स्नातक और अधिवक्ता प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना है।
उन दिवंगत अधिवक्ताओं के नाम प्रदेश बार को उपलब्ध कराने को आग्रह किया है, जिनका निधन 60 वर्ष के पहले हो गया है। ऐेसे अधिवक्ता की विधवा को पांच लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।