वाराणसी में पंडाल में मां दुर्गा की पूजा
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उस समय माता की प्रतिमा पर सोने का पत्तर चढ़ाया जाता था। आज भी उसी सिंहासन पर माता को विराजमान कराया जाता है। रजत सिंहासन पर लक्ष्मी, दुर्गा, शिव, राम, गणेश, काली जी की प्रतिमाएं स्थापित की जाती हैं।
केंद्रीय पूजा समिति के अध्यक्ष तिलकराज मिश्र ने बताया कि कई साल तक प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान सबसे बंगाली ड्योढ़ी की प्रतिमा विसर्जित होती थी और उसके बाद ही शहर की दूसरी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता था। बंगाली ड्योढ़ी से माता की विदाई महापाया पालकी में की जाती है। यह परंपरा अनवरत चली आ रही है, जो आज भी कायम है।