नवरात्र में धार्मिक शहरों को 24 घंटे बिजली देने के सीएम योगी का आदेश और निर्देश पर बिजली अफसरों की मनमानी भारी पड़ रही है। 24 घंटे बिजली देने का सीएम का निर्देश अधिकारियों ने ताक पर रख दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र और प्रमुख धार्मिक शहर में शामिल वाराणसी में बिजली आपूर्ति और लड़खड़ा गई है।
पिछले 3 दिन से भी बुरा हाल आज मंगलवार को है। मंडुवाडीह-चांदपुर इलाके में सुबह से बिजली गुल जबकि आज नवरात्र की अष्टमी है। बता दें कि दो दिन पहले राज्यमंत्री अनिल राजभर और नीलकंठ तिवारी ने भी अफसरों को 24 घंटे बिजली देने की सख्त हिदायत दी थी। यह निर्देश भी विभागीय अफसरों की लापरवाही की भेंट चढ़ गया।
मार्च के अंतिम हफ्ते से ही गरमी अपनी पूरी रौ में है। पूर्वांचल के कई जिलों का हाल वाराणसी जैसा ही हैं। वाराणसी में हर ओर नवरात्र मनाई जा रही है। ऐसे समय में बिजली की आंखमिचौनी से शहरवासी खासे परेशान हैं।
सोमवार को तो तमाम इलाकों में सुबह से देर रात तक बिजली की आंखमिचौनी चलती रही। लोग तपती दुपहरी में भी परेशान हुए और रात आंखों में कटी, सो अलग। कहीं लोकल फाल्ट तो कहीं मरम्मत के नाम पर लोगों को कटौती झेलनी पड़ी।
सिगरा, महमूरगंज, चौकाघाट, मैदागिन, गोदौलिया, चांदपुर, मंडुवाडीह, लोहता आदि इलाकों में बिजली की आवाजाही जारी रही। गरमी बढ़ने के साथ ही बिजली कटौती का सिलसिला शुरू हो गया है। लोगों का कहना है कि यह हाल अप्रैल में है तो मई और जून में क्या होगा।
बिजली अधिकारियों से पूछने पर वह इसका दोष दूसरे विकास कार्यों पर देते हैं। कोई भी अधिकारी साफ तौर पर जवाब देने के लिए तैयार नहीं है। यूपी चुनाव के दौरान पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि बिजली अगर रमजान में आती है तो दिवाली में भी आनी चाहिये। इसको लेकर बहुत विवाद भी हुआ।
पर अब जब बीजेपी की सरकार है तो विरोधी पार्टियां सवाल उठा रही हैं कि अब नवरात्र पर 24 घंटे बिजली क्यों नहीं मिल रही।