अपहरण के बाद गंगा में उतराया मिला आकाश का शव मंगलवार को रविदास गेट चौराहे पर रखकर परिवारीजनों ने सड़क जाम कर दी। वे मांग कर रहे थे कि मामले में नामजद आरोपी जौनपुर में तैनात सिपाही रामगोपाल यादव, लक्ष्मीकांत, विनोद और श्याम को जल्द गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, उनकी बात मुख्यमंत्री से कराई जाए। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने जब लिखित आश्वासन दिया कि वे मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवार को मिलवाएंगे और आरोपी जल्द गिरफ्तार होंगे तब जाकर परिजन अंतिम संस्कार के लिए शव लेकर हरिश्चंद्र घाट की ओर बढ़े। आकाश की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को न मिल पाने के कारण उसकी मौत की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी।
लंका थाना के डाफी क्षेत्र की द्वारिकापुरम कॉलोनी से 31 मार्च की शाम से अगवा इंटरमीडिएट के छात्र आकाश कुमार (17) का शव सोमवार को भीटी स्थित निर्माणाधीन टर्मिनल के समीप गंगा में उतराया मिला था। बीएचयू पोस्टमार्टम पर आकाश के परिवारीजनों ने उसकी हत्या किए जाने का आरोप लगाते हुए लंका पुलिस को कसूरवार ठहराया था। आकाश के पिता सुरेंद्र चंद्र निषाद मस्कट में काम करते हैं। इसलिए सोमवार को आकाश का शव बीएचयू स्थित मोर्चरी में रखवा दिया गया था। मंगलवार को सुरेश के शहर पहुंचने पर आकाश का शव बीएचयू मोर्चरी से निकलवाया गया। आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज परिवारीजनों ने आकाश के शव को रविदास गेट के सामने के चौराहा पर रखकर जाम कर दिया। सीओ भेलूपुर राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपियों के करीबियों से पूछताछ कर उनका पता लगाया जा रहा है।