वाराणसी। बीएचयू के संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के व्याकरण विभाग की ओर से आयोजित तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमीनार में वक्ताओं ने महर्षि पाणिनी द्वारा लिखित संस्कृत व्याकरण पर विस्तृत चर्चा की। उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार के विधि, न्याय, युवा एवं खेल राज्यमंत्री डॉ. नीलकंठ तिवारी ने काशी में शास्त्रार्थ स्थल की जरूरत के साथ ही हर पूर्णिमा पर वेदपाठ कराने की बात कही।
संकाय के सभागार में आयोजित समारोह में राज्यमंत्री ने सभी धार्मिक स्थलों के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए एक वेबसाइट बनाने का प्रस्ताव रखा। कहा कि इसके बाद कहीं से भी बैठकर लोग एक क्लिक पर धार्मिक स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा शास्त्रार्थ प्रशिक्षण के लिए जगह तय होने के बाद वहां छात्रों को सुविधा होगी। राज्यमंत्री ने वेदपाठी छात्रों से हर पूर्णिमा पर वेद पाठ कराने, इसका पारिश्रमिक उन्हें दिए जाने के लिए भी प्रयास करने की बात कही। उन्होंने अपने स्तर से हर संभव सहयोग करने की बात भी कही। इसके अलावा संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे, तिरूपति संस्कृत विद्यापीठ के कुलपति प्रो. मुरलीधर शर्मा, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष प्रो. रामयत्न शुक्ल, नई दिल्ली से डॉ. बोरिस जीहोरूल, डॉ. लूसी आदि ने पाणिनी के लिखित वैज्ञानिक प्रक्रिया युक्त संस्कृत व्याकरण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। अध्यक्षता संकाय प्रमुख प्रो. चंद्रमा पांडेय, अतिथियों का स्वागत प्रो. भागवत शरण शुक्ल ने किया। इस दौरान देश के विभिन्न प्रांतों के अलावा इंग्लैंड, जर्मनी, नेपाल, आदि देशों के विद्वान मौजूद रहे।