ज्ञानपुर (भदोही)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोपीगंज में लैब टेक्नीशियन और वार्ड ब्वाय के भुगतान में अनियमितता के मामले में सीएमओ ने सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति करते हुए महानिदेशक, स्वास्थ्य को पत्र लिखा है। इससे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। नसबंदी के मामलों में पारिश्रमिक भुगतान में अनियमितता सामने आई थी।
समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली के अंतर्गत जनसूचना के आधार पर शिकायत कर अधिवक्ता आदर्श त्रिपाठी ने आरोप लगाया था कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, गोपीगंज में नसबंदी मामलों में लैब टेक्नीशियन और वार्ड ब्वॉय के भुगतान में व्यापक तौर पर अनियमितता की गई है। इस पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसएम सहाय से जांच कराई गई। जांच में पाया गया कि स्वास्थ्य केंद्र में तैनात लैब टेक्नीशियन को अप्रैल से नसबंदी 200 मामलों के लिए कोई भुगतान नहीं किया गया है। अगले 200 केसों के लिए 15 रुपये और पुन: 200 केसों के लिए पांच रुपये की दर से भुगतान किया गया। वार्ड ब्वॉय का भुगतान मानक से अधिक 15 रुपये की दर से किया गया। इसके अलावा एक ऐसे व्यक्ति के खाते में धनराशि का भुगतान कर दिया गया, जो न तो नियमित कर्मचारी है, ना ही संविदा पर। इस मामले में कई महीने बाद भी कार्रवाई न होने पर अधिवक्ता ने शासन में शिकायत की। इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने गोपीगंज सीएचसी अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई के लिए महानिदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य सेवाएं को पत्र लिखा है।