चौबेपुर। क्षेत्र के उमरहां (मुड़ली) स्थित स्वर्वेद महामंदिर धाम के प्रांगण में बुधवार को सेवाभाव का मेला लगा। सदगुरु सदाफलदेव विहंगम योग के 94 वें वार्षिकोत्सव व 5101 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ की पूर्व संध्या पर विहंगम वस्त्र दान का आयोजन किया गया। इसमें लगभग तीन हजार परिवारों को भोज कराकर वस्त्र बांटे गए।
इस अवसर पर संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने कहा कि संसार के समस्त जनों का कल्याण, सबकी सेवा ही संतों के जीवन का लक्ष्य होता है। समाज के हर वर्ग को सम्मान से जीवन यापन करने का अधिकार है। हर व्यक्ति को हर सुविधा उपलब्ध नहीं है। यदि हम लोग समाज में परस्पर सहयोग करते चलें और उनके कष्टों का भी ध्यान रखें तो प्रेम एवं सौहार्द का माहौल समाज में बनेगा। कहा कि लोगों नैतिक व मानसिक शिक्षा भी दें ताकि वे भी शीघ्र मेहनत कर अपनी स्थिति मजबूत करें एवं पुन: किसी और जरूरतमंद की सेवा करें। विहंगम योग इसी सेवा कार्य में विगत 94 वर्षों से कार्यरत है। विहंगम सेवा अभियान विश्व के तीन दर्जन देशों में संचालित होता है ।
मीडिया प्रभारी अवनीश कुमार ने बताया कि हर प्रमुख कार्यक्रम में वस्त्रदान कार्यक्रम के अतिरिक्त भी अनेक सेवा कार्य साल भर चलते रहते हैं। हर साल 28 अक्तूबर को संत प्रवर जी के जन्मोत्सव पर रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। आश्रम की ओर से समाज कल्याण के लिए संचालित कार्यक्रम में नि:शुल्क शिक्षा, चिकित्सा, भंडारा, नशा विमुक्ति, कन्या भ्रूण हत्या सहित शामिल है। कार्यक्रम में सदगुरु आचार्य श्री स्वतंत्रदेव जी महाराज, पूजनीय माता जी एवं संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज द्वारा 3000 जरूरतमंद परिवारों को कंबल एवं स्वेटर का वितरण किया गया। इसमें उमरहां मुड़ली, पियरी, खरगीपुर, रामगढ़वां, तरयां, डुबकिया, नरपतपुर सहित दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए ।