वाराणसी। कर्ज में डूबे किसानों को उबारने के लिए प्रदेश सरकार की फसल ऋण मोचन योजना की शुरुआत जिले मेें शुक्रवार को सांस्कृतिक संकुल चौकाघाट में हुई। नगर विकास एवं जिले के प्रभारी मंत्री सुरेश खन्ना ने प्रथम चरण में जिले के उन किसानों को कर्जमाफी का प्रमाणपत्र सौंपा जिन्होंने खेती के लिए कर्ज लिया था। सांस्कृतिक संकुल में इसके लिए काउंटर भी बनाए गए थे। इसके अलावा तहसील स्तर पर भी किसानों को ऋण मोचन के प्रमाणपत्र बांटे गए।
जिले में ऋण लेने वाले 22,678 किसानों को प्रशासन और कृषि विभाग ने चिह्नित किया है। इनमें 4,696 किसानों को अब तक पात्र पाया गया है। शुक्रवार को पहले चरण में 2892 किसानों को प्रमाणपत्र सौंपे गए। इनका 25 करोड़ 75 लाख 29 हजार 139 रुपये का कर्ज माफ किया गया। शेष पात्र किसानों को एक सप्ताह के भीतर प्रमाणपत्र सौंप दिया जाएगा। द्वितीय चरण के लिए चिह्नित किए जा रहे 11,150 किसानों को भी योजनांतर्गत शीघ्र लाभान्वित किया जाएगा। इस मौके पर मंत्री अनिल राजभर, विधायक रवींद्र जायसवाल, डॉ. अवधेश सिंह, सुरेंद्र नारायण सिंह, कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण, जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र, नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल, सीडीओ सुनील वर्मा आदि मौजूद रहे।