वाराणसी। डाफी टोल प्लाजा पर डीएम योगेश्वर राम मिश्रा की गाड़ी ज्यादा देर तक रोकने पर मंगलवार को हुए विवाद के मामला बुधवार को नरम पड़ गया। डाफी टोल प्लाजा के मैनेजर ने इस बाबत पीएम और सीएम के ट्विटर पर शिकायत की थी लेकिन पुलिस द्वारा कर्मचारियों को छोड़े जाने पर उन्होंने कोई तहरीर नहीं दी। टोल प्लाजा के स्टाफ और पुलिसकर्मियों ने आपसी बातचीत कर इस मामले को सलटा दिया है।
जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र मंगलवार की दोपहर रामनगर से डाफी की ओर आ रहे थे। दोपहर करीब डेढ़ बजे वह डाफी टोल प्लाजा पहुंचे। डीएम का कहना है कि टोल प्लाजा पर करीब 10 मिनट तक उन्हें अनावश्यक रोके रखा गया। जिस वजह से ट्रैफिक जाम हो गया था। इस पर पुलिस कर्मियों ने जाम हटाने का प्रयास किया। वहीं प्लाजा संचालक कंपनी के मैनेजर प्रियरंजन का कहना था कि डीएम की नाराजगी देख उनके पीछे वाहन में चल रहे पुलिसकर्मी टोल प्लाजा पर ड्यूटी कर रहे कर्मचारी आनंद सिंह को बिना किसी कसूर को अपने साथ ले गए और रोहनिया थाने में बंद करा दिया।