वाराणसी। परिषदीय और माध्यमिक विद्यालयों में नया सत्र सोमवार से शुरू हो गया। इसको लेकर पूरे दिन चहल-पहल रही। परीक्षा समाप्ति और परिणाम जारी होने के बाद स्कूलों में नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया भी कुछ विद्यालयों में चलती रही। हालांकि पहला दिन होने की वजह से छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों की संख्या भी कम रही। माना जा रहा है कि दो-तीन दिन में छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी।
करीब सवा महीने बाद शहरी और ग्रामीण इलाकों के स्कूल, कॉलेजों में चहल-पहल लौट आई है। सभी स्कूल, कॉलेज खुल गए हैं। सोमवार को पहले दिन विद्यालय की ओर से जहां कक्षाओं के चलने, विद्यालय संचालन से जुड़े नियम बताए गए वहीं छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे से परिचय किया। उधर कुछ विद्यालयों में बच्चों का परीक्षाफल भी वितरित किया गया, जिससे कि आगे की कक्षाओं में समय से प्रवेश ले सकें और कक्षाएं भी चलाई जा सके।
अभिभावक बच्चों को लेकर स्कूलों के बाद गुरुबाग, चौक, बुलानाला, सिगरा आदि जगहों पर स्टेशनरी की दुकानों पर पहुंचे। यहां किताब-कॉपी, ड्रेस व स्कूल बैग लेने वालों की भीड़ लगी रही। बीएसए जय सिंह ने बताया कि सभी स्कूल निर्धारित समय पर खुल गए हैं और शिक्षण कार्य भी शुरू हो गया है।
सीबीएसई, आईसीएसई के विद्यालयों में छात्र-छात्राओं से कितना फीस किस मद में लिया जा रहा है, इसे विद्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करना होगा। डीआईओएस डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि प्रबंधक/प्रधानाचार्य को नोटिस बोर्ड पर भी यह जानकारी दर्ज करनी होगी। हर छात्र को फीस की रसीद भी दिया जाए और उत्तर प्रदेश स्ववित्तपोषित स्वतंत्र विद्यालय (शुल्क विनियमन) अधिनियम-2018 का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
माध्यमिक विद्यालयों के लिए सत्र 2019-20 का शैक्षिक पंचांग भी जारी हो गया है। शिक्षा निदेशक की ओर से इसकी एक प्रति जिला विद्यालय निरीक्षक को भी भेजी गई है। इसमें अप्रैल से लेकर मार्च तक का कार्यक्रम जारी किया गया है। जून महीने में ग्रीष्मावकाश रहेगा। शैक्षिक पंचांग में अप्रैल महीने में विद्यालयों में स्टाफ मीटिंग से लेकर एनसीसी, स्काउट में पंजीकरण, प्रयोगशाला की तैयारी, विश्व स्वास्थ्य दिवस, जापानी इंसेफेलाइटिस के कारण और बचाव के बारे में जागरूक करने का जिक्र है।
दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विद्यालय की कक्षाएं सोमवार को भी नहीं शुरू हो सकी। इसके विरोध में छात्र विद्यालय परिसर में प्रदर्शन कर अनशन पर बैठ गए। आरोप लगाया कि पिछले गुरुवार को जिलाधिकारी ने सोमवार से कक्षाएं चलवाने का आश्वासन देकर अनशन समाप्त कराया था लेकिन कॉलेज प्रबंधन ने विद्यालय नहीं खुलवाया। 10 मार्च को परीक्षा खत्म होने के बाद छुट्टी कर कॉलेज को बंद कर दिया गया। उधर राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के महासचिव शिवकुमार सिंह ने कॉलेज प्रबंधन से छात्र हित में कक्षाएं संचालित कराने की मांग की है।