वाराणसी। लुटेरों के हमले में घायल छित्तूपुर निवासी मोहम्मद शेरू (27) की उपचार के दौरान गुरुवार को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में मौत हो गई। घटना से गुस्साए परिवारीजनों ने शव के पोस्टमार्टम के बाद लंका पुलिस पर सुनवाई न करने और लंका थाने के एक दीवान पर फटकार कर भगाने के साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग लेकर छित्तूपुर गेट पर जाम लगा दिया।
लोगों का कहना था कि यदि पुलिस ने समय से सुनवाई की होती तो आरोपी गिरफ्त में होते। सीओ भेलूपुर ने आश्वस्त किया कि दो दिन के भीतर आरोपियोें को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। तब जाकर डेढ़ घंटे बाद डाफी-लंका मार्ग पर आवागमन सामान्य हुआ। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी रही।
लंका थाना अंतर्गत छित्तूपुर निवासी फतेह मुहम्मद बीएचयू के कृषि विज्ञान संस्थान से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनके सात बेटों और दो बेटियों में चौथे नंबर का शेरू अविवाहित था। शेरू ने घर पर ही जनरल स्टोर खोल रखा था। भाई एजाज अहमद ने बताया कि बीते सोमवार की शाम को शेरू 50 हजार रुपये लेकर दुकान का सामान खरीदने के लिए घर से निकला। रास्ते में मिले अर्जुन ने शेरू को साथ लिया और छित्तूपुर स्थित छोटा रविदास मंदिर ले गया। वहां पहले से मौजूद चार-पांच युवकों ने शेरू की लोहे की रॉड से पिटाई की और उसके 50 हजार रुपये व सोने की चेन छीन ली।
हमले में शेरू का सिर फट गया था और पसलियां टूट गई थीं। इलाकाई लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस शेरू को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले गई। घटना को लेकर बीएचयू चौकी पर सूचना और लंका थाने पर तहरीर दी गई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। गुरुवार की सुबह मौत हो गई तो एजाज की तहरीर पर लंका पुलिस ने पांच अज्ञात के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया। उधर, छित्तूपुर गेट पर जाम खत्म कराने पहुंचे सीओ भेलूपुर एपी सिंह ने सूचना पर कार्रवाई न करने के लिए लंका थानाध्यक्ष पर खासी नाराजगी जताई और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने की ताकीद की।