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आरएस यादव बनारस क्लब से निष्कासित

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वाराणसी। भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद चंदौली के पूर्व एआरटीओ प्रवर्तन आरएस यादव को बनारस क्लब की सदस्यता से निष्कासित कर दिया गया है। उनके खिलाफ लगे गंभीर आरोपों के मद्देनजर यह निर्णय किया गया। बीते रविवार को क्लब के अध्यक्ष कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण की अध्यक्षता में हुई बैठक में क्लब के सचिव समेत अन्य सदस्यों की सहमति से ऐसा किया गया।
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आरएस यादव बनारस क्लब के लंबे समय से सदस्य थे। नियमित रूप से वह क्लब के स्वीमिंग पूल का इस्तेमाल करते थे। उनके जेल में निरुद्ध होने के बाद से ही बनारस क्लब से निष्कासित होने की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। हालांकि क्लब की साधारण सभा की बैठक में ही इस तरह के फैसले लिए जाते हैं। बीते रविवार को कमिश्नर की अध्यक्षता में सभा की बैठक हुई जिसमें आरएस यादव का मुद्दा उठाया गया। सबकी सहमति से यादव को निष्कासित किया गया है। इसकी पुष्टि बनारस क्लब के सचिव जयदीप सिंह ने की।

आरएस यादव के खिलाफ दर्ज मुकदमे में धाराएं बढ़ीं
वाराणसी। विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण जितेंद्र कुमार पांडेय की अदालत में मंगलवार को निलंबित एआरटीओ आरएस यादव को जिला जेल से लाकर पेश किया गया। इस दौरान आरोपी के खिलाफ अलीनगर थाने में दर्ज मुकदमे में भारतीय दंड संहिता के तहत आपराधिक आशय से भयभीत करने, लोकशांति भंग कराने के लिए प्रकोपित करने के आशय से अपमान करने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2) बढ़ाई गई। साथ ही, अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिए अगली तिथि 28 जुलाई नियत करते हुए न्यायिक अभिरक्षा में वापस जिला जेल भेज दिया।
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अलीनगर थाने में दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रहे विवेचक ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि आरोपी आरएस यादव के खिलाफ आईपीसी की धारा 504 व 506 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 13 (2) का भी आरोप पाया गया है। ऐसे में आरोपी को जेल से तलब कर उसके खिलाफ इन धाराओं की बढ़ोतरी कर उसका न्यायिक रिमांड बनाने की याचिका अदालत में विवेचक ने दी थी।

आरएस के कांप्लेक्स से हटाना पड़ेगा बैंक दफ्तर
गोरखपुर। मानचित्र की अनदेखी कर बेतियाहाता में आलीशान कांप्लेक्स बनवाना सस्पेंड एआरटीओ आरएस यादव के लिए ही नहीं बल्कि यूनियन बैंक के लिए भी परेशानी का सबब बन सकता है। कांप्लेक्स में किराये पर चल रहे इस बैंक को अपने क्षेत्रीय दफ्तर के लिए अब कहीं और जगह देखनी पड़ेगी।
कई शहरों ंमें सहजनवां के तिवरान गांव के मूल निवासी आरएस यादव की कई बड़ी संपत्तियां पकड़ में आने के बाद जीडीए भी सतर्क हो गया था। बेतियाहाता स्थित उनके कांप्लेक्स का मानचित्र स्वीकृत है या नहीं, इसे लेकर प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष ओएन सिंह ने जांच के आदेश दिए थे। जांच करने वाले जेई ज्ञानेश्वर सिंह का कहना है कि खामियों को लेकर आरएस यादव को नोटिस दिया गया था। 15 जुलाई को जवाब देने का समय पूरा होने वाला था, मगर 14 जुलाई को उनके एक रिश्तेदार ने प्रार्थना पत्र देकर एक सप्ताह की और मोहलत मांगी है।
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