वाराणसी। भ्रष्टाचार के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए चंदौली के निलंबित एआरटीओ आरएस यादव की ओर से मंगलवार को जनपद न्यायाधीश आलोक सक्सेना की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की गई। जिला जज ने जमानत पर सुनवाई के लिए पत्रावली विशेष न्यायाधीश (एंटी करप्शन) की अदालत में स्थानांतरित कर दी। जहां अदालत ने जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 24 जून की तिथि नियत की है।
अभियोजन के अनुसार चंदौली जनपद के सीओ सदर त्रिपुरारी पांडेय बीते आठ जून को कटसिला के पास स्थित पेट्रोल पंप के पास पहुंचे। देखा कि हाईवे पर एक ट्रक खड़ा था और उसके आगे एक हूटर लगी सरकारी गाड़ी खड़ी थी। उत्तर प्रदेश परिवहन पुलिस का बैच लगाए दो लोग ट्रक चालक से कहासुनी कर रहे थे। शक होने पर जब सीओ सदर ने ट्रक चालक से पूछताछ की तो उसने बताया कि ये लोग उसे जान से मारने की धमकी देकर अवैध तरीके से पैसों की मांग कर रहे हैं। इस पर सीओ ने दोनों से पूछताछ की तो उन्होंने चंदौली के एआरटीओ आरएस यादव का चालक शिवबहादुर और धनजी यादव के तौर पर अपनी पहचान बताई। यह भी बताया कि वे एआरटीओ के कहने पर ही ट्रकों से अवैध वसूली करते हैं।
तलाशी में दोनों के पास से अवैध वसूली के 18,850 रुपये भी बरामद हुए। जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर चंदौली कोतवाली ले आया, जहां मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। मामले में नामजद एआरटीओ आरएस यादव को भी अगले दिन जौनपुर से गिरफ्तार कर लिया गया था।