एडीजीसी बिंदू सिंह के अनुसार वादी ने जंसा थाने में दी गई प्राथमिकी में कहा था की उसके पुत्री कि शादी मई 2003 में जंसा निवासी अशोक कुमार के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग को लेकर उसकी पुत्री को प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान पति अशोक कुमार ने दहेज में 50 हजार रुपये की मांग करते हुए पैसे न मिलने पर उसकी पुत्री को जलाकर मार डालने की धमकी दी।
इस बीच 3 मार्च 2010 को उसका दामाद अशोक कुमार उसके घर पहुंचा और बताया कि उसकी पुत्री जल गई है। वह अपनी बेटी के ससुराल पहुंचा और उसे शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया, यहां उपचार के दौरान उसके पुत्री की मौत हो गई।