इसके एवज में उसने लक्ष्मन से 2.30 लाख रुपये नकद ले लिए। कुछ दिन बाद आरोपी ने लक्ष्मन को एक नियुक्ति पत्र दिया। पीड़ित नियुक्ति पत्र लेकर ज्वाइनिंग करने पहुंचा तो उसके फर्जी होने की जानकारी हुई। इसके बाद उसने आरोपी से रुपये वापस मांगे, लेकिन वह लगातार टालमटोल करता रहा।
तहरीर के आधार पर मेहनाजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान साक्ष्यों के आधार पर प्राथमिकी में अन्य धाराएं भी बढ़ाई गईं। मेहनाजुपर थाना प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह ने बताया कि आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने मानिकपुर मोड़ से हरिश्चन्द्र उर्फ हरिचरन राम (58) को दोपहर करीब 2.10 बजे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, आजमगढ़ का फर्जी परिचय पत्र, बीएसए की फर्जी मुहर, आधार कार्ड, मोबाइल फोन और 10 हजार रुपये नकद बरामद किए। गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ मेहनाजपुर थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।