पल्लव सुमन ने चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टोरियल व्यवस्था से जुड़ी मांगों को दोहराते हुए कहा कि छात्रहित के मुद्दों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, मंत्री अनुराग तिवारी ने आरोप लगाया कि विद्यार्थियों की ओर से लगातार उठाए जा रहे सवालों का समाधान करने के बजाय आंदोलन को कमजोर करने और प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रों के साथ संवाद कर उनकी मांगों पर समाधान की प्रक्रिया शुरू करने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान प्रशासन और आंदोलनरत विद्यार्थियों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति भी बनी। एबीवीपी के अनुसार, शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा गार्डों ने विद्यार्थियों को रोकने का प्रयास किया, जिसके बाद मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हुई। संगठन ने इसे विद्यार्थियों की लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति के अधिकार में हस्तक्षेप बताया।
प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से छात्रहित से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच, पारदर्शिता और विद्यार्थियों के साथ संवाद स्थापित करने की मांग की। एबीवीपी नेताओं ने कहा कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना और आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।