मुकदमेबाजी भूल कर साथ रहने को हुए तैयार
जैतपुरा क्षेत्र की एक युवती और मीरघाट निवासी पति के बीच 2020 से भरण-पोषण के संबंध में मुकदमेबाजी चल रही थी। शनिवार को परिवार न्यायालय में दोनों ने आपसी समझौते के आधार पर मुकदमे का निस्तारण कराया। तय हुआ कि पति-पत्नी आपसी विवाद और मुकदमेबाजी को भूल कर अब एक साथ रहेंगे। इसी तरह से पहड़िया क्षेत्र निवासी एक दंपती के बीच 2013 से तलाक के लिए मुकदमेबाजी चल रही थी। परिवार न्यायालय के न्यायाधीश के समक्ष दंपती ने आपसी सहमति से मुकदमेबाजी खत्म कर एक साथ रहने की बात कही। इस तरह से 12 जोड़े मुकदमेबाजी खत्म कर लोक अदालत में साथ रहने को तैयार हुए।
राष्ट्रीय लोक अदालत में महमूरगंज के आरके नेत्रालय की ओर से आंख की जांच और दवा वितरण के लिए शिविर लगाया गया था। शिविर में वादकारियों ने आंख की जांच कराई। केंद्रीय कारागार के कैदियों द्वारा बनाए गए लकड़ी के खिलौने, दरी, गमछा, अचार, ब्रेड व बिस्किट का स्टॉल लगाया गया था। रामनगर के बाल संप्रेक्षण गृह, बालक बाल गृह, आफ्टर केयर होम के बच्चों के आर्ट क्राफ्ट और बैग को खरीदने के लिए भी वादकारी भीड़ लगाए रहे।