संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने राहत और बचाव की तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले में 46 बाढ़ राहत शिविर और 21 बाढ़ चौकियां तैयार हैं। 195 गांव और मोहल्लों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी और आपदा मित्रों की मॉक ड्रिल कर तैयारियों को परखा जा चुका है। गंगा के जलस्तर की जानकारी केंद्रीय जल आयोग से हर दो घंटे पर ली जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक बाढ़ कंट्रोल रूम के दूरभाष नंबर 0542-2508550, 0542-2504170, 1077 और मोबाइल नंबर 9140037137 पर संपर्क कर सकते हैं।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) डॉ. सदानंद गुप्ता ने बताया कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को पूरी तैयारी के साथ अलर्ट पर रखा गया है। बाढ़ की स्थिति में जीरो रिस्पांस टाइम के उद्देश्य से सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सजगता के साथ काम करें और किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहें।
एडीएम ने मंगलवार को संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए बाढ़ राहत शिविरों, बाढ़ चौकियों और उपलब्ध अन्य संसाधनों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित परिवारों को बिना किसी विलंब के सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके, इसके लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, जल पुलिस, पीएसी, राजस्व, स्वास्थ्य, पशुपालन, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों की संयुक्त राज्य स्तरीय मॉक एक्सरसाइज कराई जा चुकी है।
46 बाढ़ राहत शिविर
जिला प्रशासन के अनुसार वाराणसी में कुल 46 बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। इनमें तहसील सदर में 37, राजातालाब में छह और पिंडरा में तीन राहत शिविर शामिल हैं। इन राहत शिविरों की अनुमानित क्षमता 7,392 लोगों की है। इसके अतिरिक्त तहसील सदर में 15 अस्थायी बाढ़ राहत शिविर भी तैयार किए गए हैं। इनकी अनुमानित क्षमता 3,785 लोगों की है। प्रशासन ने राहत शिविरों में नोडल अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी है।
21 बाढ़ चौकियां, सात वायरलेस चौकियां
कुल 21 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं। इनमें सात वायरलेस बाढ़ चौकियां शामिल हैं। इनमें सदर तहसील के 150, राजातालाब के 24 और पिंडरा तहसील के 21 गांव एवं मोहल्ले शामिल हैं।
मेडिकल और पशु चिकित्सा टीमें तैयार
स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल टीमों का गठन कर दिया है। पशुपालन विभाग ने भी पशुओं के उपचार के लिए चिकित्सकों की टीम तैयार की है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था भी की गई है। नाविकों को 33300 लाइफ जैकेट वितरित किए जा चुके हैं। सभी चिह्नित बाढ़ राहत शिविरों की जियो टैगिंग पूरी की जा चुकी है।
बाढ़ से निपटने की तैयारी एक नजर में
- 46 स्थायी बाढ़ राहत शिविर
- 7,392 लोगों की स्थायी राहत शिविरों में अनुमानित क्षमता
- 15 अस्थायी बाढ़ राहत शिविर
- 3,785 लोगों की अस्थायी शिविरों में अनुमानित क्षमता
- 21 बाढ़ चौकियां
- 7 वायरलेस बाढ़ चौकियां
- 195 गांव और मोहल्ले संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में चिह्नित
- 150 सदर तहसील के गांव-मोहल्ले
- 24 राजातालाब तहसील के गांव-मोहल्ले
- 21 पिंडरा तहसील के गांव-मोहल्ले
- 33,300 लाइफ जैकेट नाविकों को वितरित
- हर दो घंटे में गंगा के जलस्तर की निगरानी
- राहत शिविरों की जियोटैगिंग पूरी
- मेडिकल और पशु चिकित्सा टीमें तैयार
बाढ़ कंट्रोल रूम
- 0542-2508550
- 0542-2504170
- 1077
मोबाइल : 9140037137