वाराणसी। कबीर प्राकट्य स्थल तहरतारा, लक्ष्मी कुंड सहित कुल दस कुंडों को संवारने का रास्ता साफ हो गया। वीडीए ने डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। वहीं नमामि गंगे के तहत बजट की मांग के लिए वीडीए ने एनएमसीजी (नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा) को पत्र लिखा है।
शहर और आसपास के पौराणिक व धार्मिक महत्व वाले 10 तालाबों और कुंडों को संवारने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत वीडीए इन सभी कुंडों तालाबों को संवारने की योजना बना चुका है। करीब 19 करोड़ से इन तालाबों और कुंडों का जीर्णोद्धार कराने के साथ संवारने का कार्य किया जाना है। यहां साफ सफाई, घाट-फुटपाथ निर्माण, एलईडी लाइट, बैठने के लिए बेंच और बाउंड्री वाल बनवाई जानी है। इसका डीपीआर बनाकर वीडीए ने नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा को भेज दिया है। वीडीए वीसी राजेश कुमार ने बताया कि फंड के लिए पत्र लिखा गया है।
इन कुंडों की बनी योजना
संत कबीर प्राकट्य स्थल तालाब 3.6 करोड़
लक्ष्मी कुंड 1.37 करोड़
मच्छोदरी तालाब 0.48 करोड़
पहड़िया तालाब 1.33 करोड़
करौंदी तालाब 2.54 करोड़
दुधिया तालाब 2.05 करोड़
सोना तालाब 2.29 करोड़
काल्हा तालाब 2.80 करोड़
रिवा तालाब (अवलेशपुर) 0.74 करोड़
बकरिया कुंड 1.22 करोड़