गोपीगंज। भदोही जिले को मिर्जापुर से जोड़ने वाले रामपुर पीपा पुल और संपर्क मार्ग की बदहाली से सोमवार को ग्रामीण बिफर पड़े। पुल पर जोखिम भरे यातायात और अधिकारियों की लापरवाही के विरोध में ग्रामीण पीपा पुल पर धरने पर बैठ गए। इससे करीब ढाई घंटे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। मौके पर पहुंची गोपीगंज और विंध्याचल पुलिस ने किसी तरह लोगों को शांत कराया। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से वार्ता के बाद लोगों ने धरना समाप्त किया।
पीपा पुल और संपर्क की हालत बेहद खराब होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। इसके विरोध में प्रधान संघ मिर्जापुर के अध्यक्ष अखिलेश सिंह के के नेतृत्व में ग्रामीण पीपा पुल पर धरने पर बैठ गए। इससे आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की उदासीनता का खामियाजा आम जनता भुगत रही है। लोग जान जोखिम में डाल कर इस पुल से आवागमन कर रहे हैं। न तो पूरे पुल पर चकर प्लेटें लगवाई गईं न ही संपर्क मार्ग बनवाया गया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता और जेई से लिखित शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हुई। वहीं, मेठ राम दुलार ने बताया कि पुल पर 16 कर्मचारी नियुक्त हैं, लेकिन सात कर्मचारी ही देखभाल के लिए रहते हैं। चकर प्लेट की कमी से दिक्कत आ रही है। पुल पर आवागमन बंद होने की जानकारी पर प्रभारी निरीक्षक गोपीगंज सुनील वर्मा और विंध्याचल थाना प्रभारी अशोक सिंह ने पहुंच कर लोगों को समझाने का प्रयास किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के आश्वासन के बाद आवागमन चालू कराया गया। इस दौरान करीब लगभग ढाई घंटे तक जाम से पीपापुल के दोनों तरफ वाहनों की कतारें लगी रहीं। प्रदर्शन करने वालों में लक्ष्मी शंकर पांडेय, शिवदत्त शुक्ला, प्रदीप सिंह, लाल बहादुर, मंगला प्रसाद, सुरेश कुमार, शम्भू नाथ, सर्वेश पांडेय, अश्वनी सिंह, बृजेश कुमार, नन्हे पाल, राजबली आदि शामिल थे।