वाराणसी। बीएचयू में पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों की जांच चल ही रही है। इसी बीच एक नया मामला भौमिकी विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर नियुक्त एक महिला शिक्षक का सामने आया है। सेलेक्शन कमेटी के रिजेक्ट करने के बाद भी वह नौकरी कर रही है। इसका खुलासा एक शोध छात्र की पीएमओ के ग्रीवांस सेल में शिकायत के बाद विश्वविद्यालय की ओर से दिए गए जवाब में हुआ है।
विश्वविद्यालय में दर्जनों नियुक्तियाें को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, मानव संसाधन मंत्रालय आदि तक शिकायत हुई और उनकी जांच चल रही हैं। इसके अलावा कुछ लोगों ने तो हाईकोर्ट में याचिका दायर कर न्याय की गुहार लगाई है। भौमिकी विभाग का जो नया मामला आया है, उसमें इसी विभाग के शोध छात्र विनीत श्रीवास्तव ने एक महिला शिक्षक की असिस्टेंट प्रोफेसर पद पर तैनाती पर सवाल खड़ा करते हुए पीएमओ के ग्रीवांस सेल में शिकायत कर जांच की मांग की थी। सेल ने बीएचयू ग्रींवास रिड्रेसल सेल से इस पर जवाब मांगा। इसमें बताया गया कि संबंधित महिला का इस पद पर नियुक्ति के लिए अंक कम होने की वजह से उन्हें सेलेक्शन कमेटी ने सेलेक्ट नहीं किया है। यही जवाब पीएमओ के ग्रीवांस सेल से विनीत श्रीवास्तव को भी भेजा गया है। अब सवाल यह है कि जब सेलेक्शन कमेटी ने सेलेक्ट नहीं किया। तब उनकी नियुक्ति किसके आदेश पर हुई। जिस तरह से मामले की जांच चल रही है, उससे यही लग रहा है कि जल्द ही कोई बड़ी कार्रवाई भी होगी।