ज्ञानपुर। अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत ने पत्नी समेत कई युवतियों की अश्लील तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल कर ब्लैकमेल करने के आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर उसे जेल भेज दिया। पत्नी के साक्ष्य प्रस्तुत करने पर न्यायालय ने उसे तलब किया था। गुरुवार को आरोपी पति ने कोर्ट में सरेंडर कर जमानत याचिका प्रस्तुत की, जिसे एसीजेएम ने खारिज कर दिया।
भदोही नगर की एक युवती ने अधिवक्ता पंकज तिवारी के माध्यम से न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। उसका विवाह 20 फरवरी 2016 को मिर्जापुर के तेलियागंज निवासी युवक से हुआ था। वह एक प्राइवेट बैंक में सेल्स मैनेजर है। आरोप है कि विवाह के पहले दिन ही उसने पत्नी को धमकी देकर पैसे की मांग शुरू कर दी थे। इस दौरान वह गुपचुप तरीके से पत्नी की अश्लील तस्वीरें खींच कर और वीडियो बनाकर फेसबुक पर फर्जी एकाउंट से वायरल करता रहा। यही नहीं उसने अपने बैंक के ब्रांच मैनेजर को खुश करने के लिए पत्नी पर दबाव भी बनाया। पीड़ित पत्नी ने पति की करतूतों को के साक्ष्य उसके लैपटाप से हासिल कर लिए। इसमें उसके साथ ही कई और लड़कियों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो मौजूद थे। पीड़िता ने सभी सबूतों को एकत्र कर न्यायालय में गुहार लगाई। न्यायालय ने आरोपी पति को हाजिर होने का आदेश दिया। गुरुवार को आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत की मांग की। इस पर एसीजेएम प्रवीण पांडेय की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी की याचिका खारिज कर उसे जेल भेजने का आदेश दे दिया।