वाराणसी। कोरोना का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। बढ़ते मरीजों के साथ मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। पिछले 3 दिन में 24 लोगों की मौत हो चुकी है। मंगलवार को कुल 6,032 की रिपोर्ट मिली। जिसमें 1887 मरीज मिले। इसमें पहाड़िया स्थित सीआरपीएफ 95 बटालियन के दस जवान भी संक्रमित हुए हैं। वहीं, मंगलवार को सात लोगों की मौत भी हुई है। मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में भी 40 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। भविष्य निधि में 12, बुद्धा सिटी में 9 और आईएमएस बीएचयू के माइक्रोबायोलॉजी समेत अन्य जगहों पर 5, बीएचयू जूलॉजी डिपार्टमेंट में रहने वाले लोग संक्रमित हुए। बीएलडब्ल्यू में 50 से अधिक लोगों में कोरोना की पुष्टि हुई है। स्वामी विवेकानंद हास्पिटल भेलूपुर में जांच कराने वाले 126, बीएचयू में भी 30 से अधिक लोग पॉजिटिव हैं।
आज भी अस्पताल से कोई डिस्चार्ज नही
अप्रैल में सबसे ज्यादा 23 हजार लोग संक्रमित हुए हैं। मंगलवार को भी अस्पताल से कोई डिस्चार्ज नहीं हुआ। होम आइसोलेशन में 1859 लोग स्वस्थ घोषित किए गए। जिले में अब कुल संक्रमितों का आंकड़ा 46,510 है। 30,206 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं। वहीं, 451 की मौत हो चुकी है। फिलहाल 15,853 एक्टिव मरीज हैं।
एपेक्स में तीन, बीएलडब्ल्यू में दो की मौत
एपेक्स हॉस्पिटल में भर्ती 78 वर्षीय दुर्गाकुंड निवासी महिला और 52 वर्षीय महमूरगंज निवासी पुरुष के साथ ही 31 वर्ष की जगतगंज निवासी महिला की भी मौत हुई है। बीएलडब्ल्यू हॉस्पिटल में भर्ती जलालीपट्टी निवासी 73 वर्षीय पुरुष और रानीपुर महमूरगंज निवासी 67 वर्षीय पुरुष और मेरेडियन हॉस्पिटल में भर्ती 60 वर्षीय पांडेयपुर की महिला और 38 वर्षीय दुर्गाकुंड निवासी पुरुष की मौत हुई है।
1039 का टीकाकरण
अलग-अलग केंद्रों पर मंगलवार को कुल 1039 लोगों का टीका लगाया गया। सीएमओ डॉक्टर वीबी सिंह ने बताया कि 590 लोगों को पहली डोज जबकि 449 को दूसरी डोज लगाई गई। 21 अप्रैल को भी जिले के 59 केंद्रों पर टीकाकरण किया जाएगा जिसमें 11 केंद्रों पर दूसरी डोज लगाई जाएगी।
आकाशवाणी के पूर्व केंद्र निदेशक का निधन
आकाशवाणी वाराणसी के पूर्व केंद्र निदेशक रहे आनंद देव सिंह (62) का कोरोना संक्रमण के चलते निधन हो गया। दो वर्ष पूर्व ही वह अवकाश प्राप्त किए थे। आनंद देव सिंह ने आकाशवाणी वाराणसी के कृषि जगत कार्यक्रम को काफी ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वे पूर्वांचल के किसानों में काफी लोकप्रिय थे। मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे रशेंदुदेव सिंह ने मुखाग्नि दी।