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जिला प्रशासन बनारस क्लब से वापस ले नजूल की जमीन

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वाराणसी। बनारस क्लब के कब्जे वाली 1.33 एकड़ नजूल की जमीन के मामले में विधान परिषद की समिति ने बड़ा फैसला सुनाया है। समिति ने जिलाधिकारी से कहा है कि वह इस जमीन को वापस अपने कब्जे में ले। सोमवार को लखनऊ में हुई बैठक में समिति ने यह भी कहा कि 15 दिन में क्लब अपनी जमीन से संबंधित खतौनी वीडीए को उपलब्ध कराए। यदि क्लब 15 दिन में खतौनी नहीं उपलब्ध करा पाता है तो अवैध निर्माण को ध्वस्त कर वीडीए की ओर से रिपोर्ट समिति को भेजी जाए। समिति की राय यह भी है कि वाराणसी के मंडलायुक्त क्लब के चेयरमैन रहें, यह जरूरी नहीं है। न ही ऐसा कोई प्रावधान है।
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विधान परिषद में क्लब के कब्जे वाली 1.33 एकड़ नजूल की जमीन का मसला सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश ने उठाया था। इस मामले की सुनवाई एमएलसी नरेश उत्तम की अध्यक्षता वाली समिति कर रही है। शतरूद्र प्रकाश ने फोन पर ‘अमर उजाला’ को बताया कि नजूल की 1.33 एकड़ जमीन पर क्लब का अवैध कब्जा है। तथ्यों के आधार पर इसकी पुष्टि हो चुकी है। जमीन के आवंटन के दौरान जो शर्तें निर्धारित की गई थी, क्लब ने उनका उल्लंघन किया। क्लब की ओर से वीडीए को आश्वस्त किया गया था कि अवैध निर्माण नहीं किया जाएगा लेकिन वादाखिलाफी कर मनमानी की गई।
शतरूद्र प्रकाश ने बताया कि वीडीए ने भी यह माना है कि क्लब की जमीन पर मालिकाना हक के बगैर अवैध निर्माण कराया गया। 2010 में अवैध निर्माण को सील किया गया था लेकिन बाद में इस पर अवैध ढंग से निर्माण कराया गया। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन और वीडीए के अधिकारियों को कहा गया है कि अगली बैठक में बताएं कि क्लब के कब्जे वाली नजूल की जमीन और अवैध निर्माण को लेकर अब तक क्या कार्रवाई की गई? यह भी कहा कि मामले में समिति के निर्देश पर जानबूझकर हीलाहवाली की प्रवृत्ति न अपनाई जाए।
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बैठक में समिति के सदस्य एमएलसी वासुदेव यादव, केदारनाथ सिंह, सन्नी यादव, जितेंद्र यादव, साजन यादव व उदयवीर यादव के अलावा प्रमुख सचिव आवास विकास नितिन रमेश गोकर्ण, डीएम सुरेंद्र सिंह और वीडीए सचिव विशाल सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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गरीबों और पैसे वालों में फर्क न करें
समिति ने जिलाधिकारी और वीडीए सचिव को कहा कि गरीबों और पैसे वालों में फर्क ना करें। कानून और प्रावधान सभी के लिए एक बराबर हैं। नजूल की जमीन सरकार की संपत्ति है और उसका उपयोग जनोपयोगी कार्यों के लिए ही किया जाए। जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि नजूल की जमीन सरकार को यथाशीघ्र वापस हो।
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.65 एकड़ जमीन पर ही क्लब का कब्जा: डीएम
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि नजूल की 1.33 एकड़ जमीन में से बनारस क्लब का कब्जा .65 एकड़ जमीन पर है। बाकी जमीन पर सड़क और दुकानें है। .65 एकड़ जमीन फ्री होल्ड कराने का प्रस्ताव शासन में लंबित है। क्लब परिसर में हुए अवैध निर्माण के संबंध में वीडीए की ओर से कार्रवाई की जाएगी।
------प्रमुखता से-------
जमीन कचहरी को मिल जाए तो दूर हो जाएंगी समस्याएं
दीवानी कचहरी परिसर जमीन की किल्लत से जूझ रहा है। इससे अधिवक्ताओं, वादकारियों और न्यायिक अधिकारियों को रोजाना आने-जाने से लेकर वाहन खड़ा करने तक की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। अधिवक्ताओं की मांग है कि यदि क्लब के कब्जे वाली जमीन पर दीवानी कचहरी परिसर का विस्तार किया जाए तो कई समस्याएं खत्म हो जाएंगी। इसके लिए अधिवक्ता आंदोलन भी कर चुके हैं। विधान परिषद की समिति के रुख को देखते हुए संभावना है कि अधिवक्ता एक बार फिर क्लब के कब्जे वाली नजूल की जमीन पर कचहरी परिसर के विस्तार की लड़ाई लड़ेंगे।
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