वाराणसी। उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. विशेष गुप्ता ने कहा कि पोलियो वैक्सीन में टाइप टू वायरस मिलने के मामले को आयोग ने गंभीरता से लिया है। आयोग के संज्ञान में आया है कि मिर्जापुर में जो पोलियो वैक्सीन पिलाई गई वह गलत थी। इस मामले में मिर्जापुर के सीएमओ को रिपोर्ट सहित बुलाया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आयोग सरकार को जेजे एक्ट में कार्रवाई के लिए पत्र भेजेगा। वैक्सीन आपूर्ति करने वाली गाजियाबाद की बायोमेड कंपनी को मेरठ मंडल की बैठक में तलब किया गया है।
गुरुवार को सर्किट हाउस में पत्रकारों से कहा कि बालश्रम के खिलाफ अभियान चलाने के दौरान आयु का पता लगाने के लिए बच्चों का मेडिकल अस्पताल में होता है। डाक्टर दो बजे तक अस्पताल में बैठते हैं। जब तक आयु प्रमाण पत्र नहीं होगा तो एफआईआर में दिक्कत आती है। विभागों के बीच सामंजस्य बैठाने को कहा गया है ताकि दो बजे के बाद भी बच्चों का मेडिकल हो और उन्हें आयु प्रमाण पत्र मिल जाए। इसके लिए सीएमओ को निर्देश दिया गया है। बालश्रम करने वाले बच्चों के लिए पूर्व प्रदेश में खुले श्रम स्कूल बंद हो गए थे। जिन्हें चालू कराने की संभावना बन रही है। इसके लिए सरकार से बातचीत की जा रही है।