वाराणसी। आईआईटी बीएचयू के शोधकर्ताओं ने थ्रीडी प्रिंटिंग और जैव संगत सामग्रियों के प्रयोग से एक दोहरी कक्ष प्रीफिल्ड सीरिंज का आविष्कार किया है। इसके बायोमेडिकल इंजीनियरिंग विभाग ने पेटेंट कराने के लिए आवेदन किया है। अगर मनुष्यों पर इसका प्रयोग करने की अनुमति मिल जाती है तो ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीजों को सीरिंज लगाने में आने वाली परेशानियां दूर होंगी। संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद जैन और डीन (शोध और विकास) प्रो. राजीव प्रकाश ने विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संजीव महतो और उनके टीम को बधाई दी है।
दोहरी कक्ष सिरिंज के बारे में डॉ. संजीव ने बताया कि टिशू इंजीनियरिंग और बायोमाइक्रोफ्लूइडिक्स (टीईबीएम) प्रयोगशाला, स्कूल और बॉयोमेडिकल इंजीनियरिंग के शोधकर्ताओं ने थ्रीडी प्रिंटिंग के प्रयोग से इसका आविष्कार किया है। जैव संगत सामग्री से बने इस सीरिंज के प्लंजर के अंदर छड़ी की मदद से छेद किया जा सकता है। इससे सीरिंज के अंदर पड़ने वाली दवा को उनके तरल पदार्थ से घुलने में सहयोग करेगा। बताया कि अनुसंधान समूह के साथ इस हेल्थकेयर आविष्कार के लिए पेटेंट दायर कर दिया है।