ज्ञानपुर। निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) के कार्यकर्ताओं ने बिंद, केवट, निषाद समेत 20 जातियों को अनुसूचित जाति का दर्जा देने की मांग को लेकर मंगलवार को जिले की तीनों तहसीलों में प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। चेतावनी दी कि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वह बड़े पैमाने पर आंदोलन करेंगे।
प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर निषाद पार्टी के जिला महासचिव मिठाई लाल केवट के नेतृत्व में मंगलवार को ज्ञानपुर तहसील में आए कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की। मिठाई लाल ने कहा कि छह फरवरी 2018 आरक्षण को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन उसको संज्ञान में नहीं लिया गया। मछुआ समाज की सभी जातियों को एससी में शामिल करने का आदेश जारी हो गया, लेकिन उसे अब तक प्रभावी नहीं किया गया। केवट, मल्लाह, कुम्हार, प्रजापति, धीवर, बिंद, राजभर, धीमर, बाथम, गोड़िया, तुरहा, मांझी को ओबीसी की सूची से हटा कर एससी में शामिल करने का आदेश दिया गया है, लेकिन अधिकारी उस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। पदाधिकारियों ने चेताया कि तहसील स्तर से जल्द ही प्रमाणपत्र नहीं जारी किया गया तो बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। इसी तरह औराई और भदोही तहसील कमेटी के पदाधिकारियों ने तहसीलों में धरना देकर आवाज बुलंद की। इस मौके पर सैराज अहमद, कैलाशनाथ केवट, नंदलाल, वंशीधर, दिलीप कुमार, बालेश्वर प्रसाद आदि रहे।