वाराणसी। सिस वरुणा (पुरानी काशी) में पेयजल पाइप बिछाने में लापरवाही और गैपिंग ठीक नहीं करने पर मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद तत्कालीन अधिकारियों का तबादला शुरू कर दिया गया है। यहां एक्सईएन रह चुके मुरादाबाद के अधीक्षण अभियंता आरपी पांडेय ने सोमवार को पदभार ग्रहण कर लिया। इसके साथ ही जल निगम अब फाल्ट ढूंढने और उसे ठीक करने में जुट गया है।
दरअसल वर्ष 2010-2015 के बीच पुरानी काशी के 41 जोन के 10 जोन में पाइप लाइन बिछाने के बाद अधिकारी भूल गए। पता ही नहीें है कि कहां-कहां अभी पाइप जोड़ी जानी बाकी है। इसमें बेनियाबाग, शिवाला, भदैनी, खोजवा का इलाका शामिल हैं। इसमें 360 ठेकेदारों को अलग-अलग इलाके में पाइप लाइन डालने का काम दिया गया था। वर्ष 2010 में काम शुरू हुआ। 139 करोड़ की लागत से 466 किमी लंबी पेयजल पाइप लाइन बिछाई गई। लेकिन तत्कालीन जल निगम के अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से पाइप जैसे-तैसे बिछा दी गई। पाइप लाइन बिछाने में 37 अभियंताओं को जिम्मेदार माना जा रहा है। इसमें तीन अधीक्षण अभियंता, पांच अधिशासी अभियंता, 17 सहायक अभियंता और 12 जूनियर इंजीनियर शामिल हैं।