वाराणसी। सिकरौरा नरसंहार कांड मामले में सुनवाई कर रहे अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय को हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजीव भार्गव ने प्राथमिकता के आधार पर बिना अनुचित स्थगन के वादिनी हीरावती का बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है। आदेश के अनुपालन के लिए वादिनी के विधिक पैरोकार राकेश न्यायिक और अधिवक्ता अमरेंद्र विक्रम सिंह ने आवेदन और हाईकोर्ट के आदेश की प्रति अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय की कोर्ट में दाखिल की है। साथ ही सुनवाई वाले दिन यानी दो जनवरी को वादिनी का बयान दर्ज कराने का अनुरोध किया।
हाईकोर्ट में वादिनी हीरावती ने राकेश न्यायिक की मदद से याचिका दाखिल कर कहा था कि नियत तिथियों पर बयान दर्ज कराने के लिए सुरक्षा न मिलने और अधिवक्ताओं की हड़ताल के कारण बयान नहीं दर्ज हो सका। ऐसे में बयान की अपरिहार्यता को देखते हुए याचिका दाखिल की गई। वर्ष 1986 की इस वारदात में हीरावती के पति, चार बच्चों सहित सात लोगों की हत्या की गई थी। तफ्तीश के बाद वर्ष 1987 में विवेचक ने चार्जशीट दाखिल की थी। इस मामले में एमएलसी बृजेश सिंह अहम आरोपी हैं।